
वाशिंगटन। अमरीका और उत्तर कोरिया ने नौ सालों बाद रविवार को सैन्य जनरल स्तर पर वार्ता आयोजित की और 1950-53 के कोरियाई युद्ध के दौरान मारे गए अमरीकी सैनिकों के अवशेषों को स्वदेश भेजने पर चर्चा की। एक कोरियाई समाचार एजेंसी ने कहा कि यह बैठक पहले 12 जुलाई को होने वाली थी, लेकिन उत्तर कोरिया ने तैयारियां नहीं होने का हवाला देकर अंतिम समय में इसे रद्द कर दिया। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच इस मसले पर सिंगापुर बैठक में भी चर्चा हुई थी।
जनरल स्तर की वार्ता पर सहमत हुआ अमरीका
उत्तर कोरिया ने रविवार को अमरीका के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र कमान (यूएनसी) के साथ जनरल स्तर की वार्ता आयोजित करने का सुझाव दिया, जिस पर अमरीका ने हामी भर दी। सीमावर्ती कोरियाई गांव पनमुनजोम में रविवार को सुबह 10 बजे वार्ता शुरू हुई। यूएनसी के चीफ ऑफ स्टाफ, मेजर जनरल माइकल मिलिहान अमरीकी पक्ष का नेतृत्व कर रहे थे, जबकि उत्तर कोरियाई प्रतिनिधिमंडल में दो सितारा जनरल शामिल थे। यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है कि रविवार की वार्ता निष्कर्ष तक पहुंची या नहीं या फिर इसे आगे बढ़ा दिया गया है।
सिंगापुर बैठक में भी शामिल था मुद्दा
सैनिकों के अवशेषों की स्वदेश वापसी अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग-उन के बीच सिंगापुर में 12 जून को हुई ऐतिहासिक बैठक में हुए समझौते में शामिल था। यूएनसी के साथ उत्तर कोरिया के इस वार्ता प्रस्ताव को सिर्फ अमरीकी सैनिकों के अवशेषों को स्वदेश भेजने के तौर पर ही नहीं, बल्कि कोरियाई युद्ध के अंत के संयुक्त घोषणा पत्र के प्रस्ताव जैसे अन्य मुद्दों के तौर पर भी देखा जा रहा है।