HIGHLIGHTS ब्राजील में पांच साल के एक अश्वेत बच्चे की मौत ( child died ) के बाद से हिंसा भड़क गई है। बच्चे की मौत के विरोध में ( Protest In Brazil ) हजारों की संख्या में सड़कों पर उतर आए। हजारों की संख्या में रेसिफ शहर की सड़कों पर उतरे और ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’के नारे के साथ प्रदर्शन करने लगे।

ब्राजीलिया। अमरीका ( America ) में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड ( George Floyd ) की मौत के बाद भड़की हिंसा की आग अब ब्राजील ( Brazil ) में भी सुलग गई है। दरअसल, ब्राजील में बीते मंगलवार को पांच साल के एक अश्वेत बच्चे की मौत ( child died ) के बाद से हिंसा भड़क गई है। शुक्रवार को हजारों की संख्या में बच्चे की मौत के विरोध में सड़कों पर उतर आए।
बच्चे की मौत का वीडियो सामने आया है, जिसमें दिखाई दे रहा है कि एक अश्वेत महिला जिस जगह में काम करती है, उस अपार्टमेंट के टॉप फ्लोर से गिरकर बच्चे की मौत हुई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अश्वेत महिला एक श्वेत महिला की देखरेख में अपने बच्चे को छोड़कर काम कर रही थी।
इस दौरान श्वेत महिला उस बच्चे को छोड़कर अपने डॉग को घूमाने चली गई। हालांकि अपार्टमेंट में लगे सीसीटीवी कैमरे फुटेज ( CCTV Footage ) में दिख रहा है कि श्वेत महिला बिल्डिंग के सर्विस एलिवेटर में बटन दबाकर बच्चे को ऊपरी मंजिल पर भेजते हुए दिखाई दे रही है।
‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ नारे लगाते हुए सैकड़ों पर उतरे प्रदर्शनकारी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लिफ्ट से बाहर निकलने के बाद बच्चा एक बालकनी की रेलिंग पर चढ़ गया। इसके बाद उसने अपना संतुलन खो दिया और नीचे गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। ब्राजील में कोरोना ( Coronavirus In Brazil ) के बढ़ते मामले के बीच स्कूल बंद है, जिसके कारण अश्वेत महिला अपने बच्चे को लेकर काम पर गई थी। बच्चे का नाम मिग्युल डा सिल्वा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चे की मौत के बाद हजारों की संख्या में रेसिफ शहर की सड़कों पर उतर आए और ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’के नारे के साथ प्रदर्शन करने लगे। हजारों लोग सिटी कोर्ट से लेकर जिस इमारत से गिर कर बच्चे की मौत हुई वहां तक प्रदर्शन कर विरोध जताया।
आपको बता दें कि अश्वेत अफ्रीकी-अमरीकी नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद अमरीका के कई शहरों में उग्र प्रदर्शन हो रहा है। लगातार 12वें दिन भी आज प्रदर्शन जारी रहा। उग्र प्रदर्शन के कारण अमरीका के कई शहरों में कर्फ्यू लगाना पड़ा है और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए मिलिट्री तैनात करना पड़ा है।