
नई दिल्ली। पूरी दुनिया में बढ़ते डेल्टा वैरिएंट (Delta Variant) के खतरे को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि आने वाले कुछ माह में ये जानलेवा साबित हो सकता है। गौरतलब है कि डेल्टा वैरिएंट का पहला मामला भारत में सबसे पहले सामने आया था। इसके बाद से अब तक ये दुनिया में करीब 124 देशों में फैल चुका है।
1700 से अधिक मामले सामने आए
अमरीका में सामने आने वाले करीब 80 प्रतिशत मामलों के लिए यही वैरिएंट जिम्मेदार बताया गया है। वहीं ब्रिटेन समेत कई अन्य यूरोपीय देशों का भी यही हाल है। दक्षिण कोरिया में इसके मामले बढ़ रहे हैं। वहां पर एक दिन में यानि बीते मंगलवार को 1700 से अधिक मामले सामने आए थे। वहीं बुधवार को 1800 से अधिक मामले सामने आए हैं। इसी तरह से ईरान में भी नए मामलों में रिकार्ड उछाल आया है।
13 अन्य देशों में भी सामने आए डेल्टा वैरिएंट के मामले
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार एक सप्ताह में डेल्टा वैरिएंट के मामले 13 अन्य देशों में भी सामने आए हैं। कई बड़े देशों में लगातार तीन सप्ताह से मामले बढ़ रहे हैं। संगठन की तरफ से महामारी की अपडेट में इस संभावना से इनकार नहीं करा जा सकता है। आने वाले समय में कोरोना वायरस के कुछ अन्य वैरिएंट भी सामने आए हैं।
वैरिएंट ऑफ कंसर्न की सूची में रखा
गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एल्फा, जिसका पहला मामला ब्रिटेन में सामने आया था, बीटा जिसका पहला मामला दक्षिण अफ्रीका में सामने आया था और गामा वैरिएंट जिसका पहला मामला ब्राजील में सामने आया था, को वैरिएंट ऑफ कंसर्न की सूची में रखा है। WHO ने अपडेट किया है कि एल्फा अब तक दुनिया के 180 देशों में, बीटा वैरिएंट करीब 130 देशों में और गामा करीब 78 देशों में फैल गया है।