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Coronavirus ने बदली अपनी पहचान, बोलने-चलने में परेशानी भी गंभीर लक्षण – WHO

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने COVID-19 Symptoms को लेकर दी चेतावनी। बोलने के साथ चलने-फिरने में आए परेशानी, तो कोरोना का खतरा। अभी तक सांस लेने में दिक्‍कत और सीने में दर्द-दबाव, बुखार थे लक्षण।

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तमिलनाडु में कोरोना संक्रमितों की संख्या दस हजार के पार

नई दिल्ली। दुनिया भर मे कोरोना वायरस अपना कहर बरपाना जारी रखे हुए है। कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्तियों में अभी तक सिर्फ कफ, खांसी, बुखार को ही इसका लक्षण माना जा रहा था। हालांकि अब विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ( WHO ) ने कोरोना वायरस के एक नए लक्षण बताकर पूरी दुनिया को सचेत करने के साथ ही लोगों की चिंता बढ़ा दी है। WHO के विशेषज्ञों की मानें तो किसी व्यक्ति को बोलने में परेशानी और चलने में दिक्कत होना भी कोरोना वायरस का एक गंभीर लक्षण है।

इस संबंध में विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञों ने बताया कि अगर किसी शख्स को बोलने में परेशानी होने के साथ ही चलने-फिरने में दिक्‍कत हो रही है, तो उस व्यक्ति को तुरंत ही डॉक्‍टर के पास ले जाना चाहिए। डब्‍ल्‍यूएचओ के मुताबिक, “कोरोना वायरस महामारी से संक्रमित अधिकांश लोगों में सांस लेने में हल्‍की परेशानी देखने को मिल सकती है। अच्छी बात यह है कि ऐसे मरीज बिना किसी विशेष इलाज के स्वस्थ हो जाएंगे।”

इसके अलावा WHO ने COVID-19 संक्रण के गंभीर लक्षणों में सांस लेने में दिक्‍कत और सीने में दर्द या दबाव होना, बोलना बंद होना या चलने-फिरने में परेशानी को बताया हैं। कोरोना वायरस संक्रमित मरीज में बोलना बंद होना और चलने-फिरने में परेशानी सामने आना इसके नए लक्षण हैं, जिन्हे हाल ही में इस महामारी से जोड़ा गया है।

इस बीच ऑस्ट्रेलिया स्थित मेलबर्न की ला ट्रोबे यूनिवर्सिटी ने भी एक शोध के नतीजे बताते हुए चेतावनी जारी की थी। यूनिवर्सिटी के मुताबिक कोरोना वायरस के कारण कई मरीजों में मनोरोग भी बढ़ने के मामले सामने आ रहे हैं। शोध से जुड़ी डॉक्‍टर एली ब्राउन के मुताबिक COVID-19 सभी व्यक्तियों के लिए बहुत ही तनावपूर्ण या परेशानी भरा अनुभव है।

बता दें कि WHO के मुताबिक दुनिया भर में कोरोना वायरस महामारी से रविवार सुबह 9 बजे तक 44 लाख 94 हजार 873 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 3 लाख 5 हजार 976 लोगों की मौत हो चुकी है। इस वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित अमरीका महाद्वीप है, जहां 85 हजार 860 लोगों की जान जा चुकी है।

Updated on:
17 May 2020 04:11 pm
Published on:
17 May 2020 03:30 pm
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