विश्‍व की अन्‍य खबरें

प्रोटोकॉल तोड़ पीएम मोदी के वुहान में जोरदार स्‍वागत को यादगार बनाने में जुटे हैं शी जिनपिंग

पीएम मोदी की वुहान की अनौपचारिक यात्रा को राष्‍ट्रपति शी काफी अहम मान रहे हैं।

3 min read

नई दिल्‍ली। चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग की योजना भारतीय पीएम मोदी की इस यात्रा को ऐतिहासिक और यादगार बनाने की है। ताकि भविष्‍य में दुनिया भर में इस बात की मिसाल दी जाए कि दो ताकतवर पड़ोसी राष्‍ट्र के प्रमुख जब मिलते हैं तो वो अवसर हर लिहाज से खास होता है। बताया जा रहा है कि 2014 में मोदी का पीएम बनने के बाद जब शी भारत दौरे पर पहली बार आए थे तो पीएम ने अहमदाबाद में शी का जोरदार स्‍वागत किया था, जिसकी दुनिया भर में चर्चा हुई थी। शी को झूले पर झुलाने के साथ उन्हें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम का दौरा भी कराया गया था। चीनी मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो वहां के राष्‍ट्रपति भारतीय पीएम के इस दौरे को इतना भव्‍य बनाना चाहते हैं कि जब भी भारतीय किसी स्‍टेट्मैन के दौरे की बात करें तो इसे एक अहम दौरे के रूप में भी याद करें। पीएम के सम्‍मान में लंच और डिनर में गुजराती डिश परोसी जाएंगी। आपको बता दें कि चीन में पीएम के इस दौरे को राजीव गांधी के 1988 के ऐतिहासिक दौरे से जोड़कर देखा जा रहा है।

24 घंटे में 6 बार मिलेंगे मोदी और शी
वैसे तो गुरुवार देर रात ही पीएम मोदी चीनी शहर वुहान पहुंच चुके हैं। लेकिन राष्‍ट्रपति जिनपिंग से उनकी पहली मुलाकात दोपहर एक एक बजे होगी। इस मुलाकात को दिल से दिल को जोड़ने वाली पहल माना जा रहा है। गुरुवार देर रात जब मोदी वुहान एयरपोर्ट पहुंचे तो उनकी आगवानी विदेश मंत्रालय के सहायक मंत्री कॉंग जुआंगयू ने की। उसके बाद से वहां पर उनका औपचारिक स्‍वागत जारी है। लेकिन शी से उनकी पहली अनौपचारिक मुलाकात भारतीय समयानुसार एक बजे होगी। चीन को मोदी की इस यात्रा से काफी उम्‍मीदें हैं। वो दोपहर में वुहान शहर में आयोजित एक सम्‍मेलन में भी भाग लेंगे। इस मौके पर चीनी राष्‍ट्रपति भी मौजूद रहेंगे। यानी दोनों नेता 24 घंटे में 6 बार मिलेंगे और विभिन्न मसलों पर बात करेंगे। इस मीटिंग में न तो कोई समझौता होगा और न ही दोनों नेता जॉइंट स्टेटमेंट जारी करेंगे।

ये भी पढ़ें

चार साल में चौथी बार चीन पहुंचे पीएम मोदी, इन विवादों को सुलझाकर लौटेंगे देश

4 साल के कार्यकाल में चीन की चौथी यात्रा
2014 में सत्ता में आने के बाद से मोदी की यह चौथी चीन यात्रा है। इस दो दिवसीय अनौपचारिक शिखर सम्मेलन को लेकर चीनी सेना को काफी उम्मीदें हैं। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि ये मुलाकात दोनों देशों की सेनाओं के बीच संबंधों को मजबूती देने का महान अवसर है। यह मुलाकात सीमाओं पर शांति बनाए रखने में मदद कर सकती है और मतभेदों को सुलझा सकती है। आज दोपहर एक से डेढ़ बजे के बीच पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग वुहान के हुबी प्रोविंशियल म्यूजियम का दौरा करेंगे। इस दौरान उनके बीच विभिन्न मसलों पर बात होगी। दोपहर तीन से चार बजे के बीच ईस्ट लेक गेस्ट हाउस में दोनों की दूसरी मुलाकात होगी। शाम चार बजे से चार बजकर पांच मिनट तक लीडर्स वॉक और शाम चार बजकर पांच मिनट से साढ़े पांच बजे तक शी जिनपिंग की मेजबानी में डिनर का आयोजन होगा। उसके बाद दोनों होटल के लिए रवाना हो जाएंगे। कल सुबह ईस्ट लेक पर दोनों नेता वोटिंग का आनंद लेंगे। लेक साइड पवेलियन में जिनपिंग और मोदी लंच करेंगे। सुबह सवा ग्‍यारह बजे पीएम मोदी दिल्‍ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

67 साल में पांच पीएम ने किया चीन का दौरा
आपको बता दें कि मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले 67 साल में सिर्फ पांच प्रधानमंत्रियों ने चीन का दौरा किया था। इनमें जवाहरलाल नेहरू, राजीव गांधी, नरसिम्हा राव, अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह शामिल हैं।

ये भी पढ़ें

जानिए PM मोदी चीन के कितने शहर घूम चुके हैं ?
Updated on:
27 Apr 2018 10:58 am
Published on:
27 Apr 2018 12:46 pm
Also Read
View All