
Punjab Pharmacy Council:पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में आरोपी अश्वनी कुमार का फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। पंजाब फार्मेसी काउंसिल ने इस बारे में आधिकारिक पत्र जारी किया है। पत्र के मुताबिक, अश्वनी कुमार का रजिस्ट्रेशन 20 अक्टूबर 2026 से रद्द कर दिया गया है।
काउंसिल की ओर से जारी पत्र की तारीख 22 अक्टूबर 2026 है। इसमें बताया गया है कि अश्वनी कुमार का रजिस्ट्रेशन नंबर 51464 था, जो 10 जुलाई 2020 को जारी किया गया था। काउंसिल की एग्जीक्यूटिव कमेटी ने 20 अक्टूबर को हुई बैठक में उनका रजिस्ट्रेशन रद्द करने का फैसला लिया।
पत्र में साफ लिखा है कि अश्वनी कुमार का नाम पंजाब फार्मेसी काउंसिल में दर्ज फार्मासिस्टों की सूची से हटा दिया गया है। इसके लिए फार्मेसी एक्ट, 1948 की धारा 36(1)(ii) का हवाला दिया गया है। काउंसिल ने पत्र के जरिए अश्वनी कुमार को इस फैसले की जानकारी दी है। हालांकि, पत्र में यह नहीं बताया गया कि रजिस्ट्रेशन रद्द करने के क्या कारण रहे। इसमें यह भी नहीं लिखा है कि अश्वनी कुमार इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकते हैं या नहीं। इन सवालों का जवाब काउंसिल के आदेश से ही मिल सकेगा।
परविंदर सिंह झोटा पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता के तौर पर जाने जाते थे। उनकी हत्या के मामले में अश्वनी कुमार आरोपी बताए गए हैं। अब फार्मेसी काउंसिल की ओर से उनका रजिस्ट्रेशन रद्द किए जाने की खबर सामने आई है।
इस मामले में एक बात समझना जरूरी है कि हत्या के मामले में आरोपी होना और अदालत से दोषी साबित होना अलग-अलग बातें हैं। काउंसिल के पत्र में रजिस्ट्रेशन रद्द करने का फैसला दर्ज है, लेकिन इसमें हत्या के मामले को कार्रवाई का सीधा कारण नहीं बताया गया है।
फिलहाल इस कार्रवाई से जुड़ी सबसे अहम जानकारी यही है कि काउंसिल की कमेटी ने 20 अक्टूबर को फैसला लिया और दो दिन बाद इसका पत्र जारी किया। आदेश के लागू होने की तारीख भी 20 अक्टूबर 2026 बताई गई है। कार्रवाई के पीछे की पूरी वजह जानने के लिए काउंसिल का आदेश सामने आना जरूरी है।