UP News: उत्तर प्रदेश कैडर के छह वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को केंद्र सरकार में सचिव स्तर के पदों के लिए इम्पैनल किया गया है, जिससे उनकी केंद्र में तैनाती को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
UP IAS Officers Empanelled: उत्तर प्रदेश कैडर के छह वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को केंद्र सरकार में सेवा के लिए इम्पैनल किया गया है। केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इम्पैनलमेंट के बाद इन अधिकारियों को सचिव एवं सचिव स्तर के समकक्ष पदों पर केंद्र में नियुक्त किया जा सकता है।
इसे इन अफसरों के प्रशासनिक करियर में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि केंद्र सरकार में सचिव पद तक पहुंचना किसी भी आईएएस अधिकारी के लिए सम्मान और जिम्मेदारी दोनों का प्रतीक होता है।
इम्पैनलमेंट की सूची में 1993 बैच के आलोक कुमार-प्रथम, 1994 बैच की लीना जौहरी और 1995 बैच के मृत्युंजय कुमार नारायण, संतोष कुमार यादव, भुवनेश कुमार तथा संजय प्रसाद के नाम शामिल हैं। ये सभी अधिकारी लंबे समय से प्रशासनिक सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा रहे हैं। इनके नाम सूची में आने से यह साफ हो गया है कि केंद्र सरकार को यूपी कैडर के अधिकारियों के अनुभव और प्रशासनिक क्षमता पर पूरा भरोसा है।
इन अधिकारियों के इम्पैनल होने के बाद केंद्र में इनकी तैनाती को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, इन्हें सचिव या सचिव के समकक्ष पदों पर जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इससे पहले भी कई वरिष्ठ अफसरों को इम्पैनलमेंट के बाद केंद्र में महत्वपूर्ण विभागों की कमान सौंपी जा चुकी है। ऐसे में इस बार भी यूपी कैडर के अफसरों को केंद्र सरकार में अहम जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है।
1993 बैच के अधिकारी आलोक कुमार-प्रथम वर्तमान में औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव हैं। राज्य सरकार निवेश को बढ़ावा देने और औद्योगिक परियोजनाओं को गति देने पर जोर दे रही है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि उन्हें फिलहाल केंद्र की सेवा में न भेजा जाए। इसी तरह मुख्यमंत्री कार्यालय और गृह विभाग में अपर मुख्य सचिव के रूप में तैनात संजय प्रसाद को लेकर भी संशय बना हुआ है। सरकार उन्हें राज्य में ही बनाए रखना चाहती है ताकि प्रशासनिक निरंतरता बनी रहे।
1994 बैच की अधिकारी लीना जौहरी वर्तमान में महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव हैं। विभाग से जुड़ी योजनाओं और नीतियों को लागू करने में उनकी भूमिका काफी अहम मानी जाती है। ऐसे में यदि उन्हें केंद्र में भेजा जाता है तो यूपी सरकार को महिला एवं बाल विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए नए प्रशासनिक नेतृत्व की व्यवस्था करनी पड़ सकती है।
1995 बैच के मृत्युंजय कुमार नारायण पहले से ही केंद्र सरकार में महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त के पद पर तैनात हैं। वहीं भुवनेश कुमार यूआईडीएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा संतोष कुमार यादव भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष के पद पर केंद्र में जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इन तीनों अधिकारियों का पहले से केंद्र में होना इस बात का संकेत है कि यूपी कैडर की प्रशासनिक क्षमता को केंद्र सरकार में लगातार महत्व दिया जा रहा है।
यदि इम्पैनल किए गए सभी अधिकारी केंद्र सरकार में तैनात हो जाते हैं, तो इसका सीधा असर यूपी प्रशासन पर भी पड़ सकता है। राज्य सरकार को नए सिरे से वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती और विभागीय संतुलन बनाना पड़ेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में यूपी ब्यूरोक्रेसी में बड़े फेरबदल की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।