मुरादाबाद

Moradabad News: प्रमोद कृष्णम का सपा पर हमला, कहा- अखिलेश की राजनीति विभाजन और ‘नमाजवाद’ पर केंद्रित

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी (Ayodhya Ram Mandir Donation Theft) एवं समाजवाद पर दिए गए अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के हालिया बयानों पर श्री कल्कि धाम पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम (Shri Kalki Dham Peethadheeshwar Acharya Pramod Krishnam) ने प्रतिक्रिया दी है। आचार्य प्रमोद कृष्णम (Acharya Pramod Krishnam) ने अखिलेश यादव पर कई आरोप भी लगाए हैं।
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आचार्य प्रमोद कृष्णम (File Photo- Patrika)

Acharya Pramod Krishnam: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव (Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav) के बयानों पर मुरादाबाद में आध्यात्मिक गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम ने करारी प्रतिक्रिया दी है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा- लोहिया के समाजवाद और अखिलेश यादव के समाजवाद में कोई समानता नहीं है। बता दें कि अखिलेश यादव अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर लगातार आवाज उठा रहे हैं। इसके अलावा राजधानी लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय के बाहर लगा पोस्टर चर्चा का विषय बना है। एक पोस्टर में लिखा है- सनातन ही समाजवाद है। इसको लेकर राजनीतिक महकमें में चर्चा हो रही है।

प्रमोद कृष्णम ने अखिलेश पर लगाए कई आरोप

सपा मुखिया अखिलेश यादव पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कई आरोप लगाए हैं। प्रमोद कृष्णम ने कहा कि लोहिया का समाजवाद सामाजिक सद्भाव पर आधारित था, जबकि अखिलेश यादव के समय में ऐसा नहीं है। अखिलेश यादव की राजनीति वंशवादी, विभाजन और 'नमाजवाद' पर केंद्रित है। यदि अखिलेश यादव उस मार्ग का अनुसरण करना चाहते हैं तो उन्हें प्रतीकात्मक रूप से नहीं, बल्कि ईमानदारी से ऐसा करना चाहिए।

क्या है मामला?


राजधानी लखनऊ समाजवादी पार्टी मुख्यालय के बाहर कुछ पोस्टर्स लगाए गए हैं। इन पोस्टर्स को सपा नेता सोमिल सिंह द्वारा लगवाया गया है। इन पोस्टर्स में सनातन, गौसंरक्षण और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कई संदेश लिखे गए हैं। पोस्टर के माध्यम से सपा और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की छवि को सनातन परंपरा और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

पोस्टर पर लिखा- सनातन ही समाजवाद है

सपा मुख्यालय के बाहर लगाए गए पोस्टर पर लिखा गया है- सनातन ही समाजवाद है। यह संदेश सबसे अधिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है। लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में धर्म और सामाजिक मुद्दे प्रमुख विषय रहे हैं। ऐसे में समाजवादी पार्टी के कार्यालय के बाहर इस तरह का संदेश सामने आने पर राजनीतिक गलियारे में हलचल मच गई है।

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