
रामपुर। देश की पार्लियामेंट में भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चल रही महाबहस पर प्रक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान ने कहा कि इससे यह हल जरूर निकलेगा कि पिछले 4 सालों में भारत कितना आगे गया और कितना पीछे। बाकी यह सभी जानते हैं कि भाजपा के पास लोकसभा में पूरा बहुमत है। लेकिन पिछले दिनों में देश की सबसे बड़ी अदालत के पांच जजों ये बात कही कि भारत का लोकतंत्र खतरे में हैं, उसको सुनकर भाजपा को शर्म आनी चाहिए। क्योंकि देश के अलग-अलग राज्यों में भाजपा की सरकार है।
सपा नेता आजम खान ने आगे अपने बयान में बोला कि कुछ राजनीतिक नेता अपनी सियासी उधेड़बुन के लिए घटिया राजनीति करके देश के हिन्दू-मुसलमानों की भावनाओं को भड़काकर ही अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं। उससे ज्यादा उन्हें कुछ आता भी नहीं है। जाहिर है जो आता है वे वही करेंगे। बीएचयू में आरएसएस के बढ़ रहे दखल के बाद सपा नेता आजम खां ने कड़ी प्रतिक्रया देते हुए कहा कि हैरत आरएसएस के बीएचयू में दखल को लेकर नहीं है, हैरत तो मुझे जेएनयू और दिल्ली यूनिवर्सिटी की है। हैरत रामपुर के जौहर अली विश्वविद्यालय की है। देश के प्रमुख शैक्षिक शिक्षण संस्थानों को बर्बाद करने का काम किया जा रहा है। रामपुर के मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को कुछ ज्यादा ही परेशान किया जा रहा है। उसको बंद करने की कोशिश की जा रही है।
प्रदेश में सूखे के बन रहे हलात को लेकर सपा नेता आजम खान का कहना है कि अब केंद्र और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के खजाने में कोई पैसा ही नहीं बचा है। कुछ अडानी, अम्बानी ले गए तो कुक किंग फिशर वाला ले गया तो कुछ नीरव मोदी ले गए। मध्य प्रदेश सरकार ने तो इतना कर्ज लिया है कि वहां का हर एक आदमी दिन रात मजदूरी करके कर्ज निपटाएगा तब भी कर्ज नहीं निपटेगा।