
UP CM Yogi Statement: मुरादाबाद पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बांग्लादेश से प्रताड़ित होकर भारत पहुंचे हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख समुदाय के परिवारों को अब उत्तर प्रदेश में सम्मान और सुरक्षा के साथ जीवन जीने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसे परिवार, जिन्होंने अपने धार्मिक विश्वास और पहचान के कारण वर्षों तक उत्पीड़न सहा, अब भारत की धरती पर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल नागरिकता का विषय नहीं, बल्कि मानवता, न्याय और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा का भी प्रश्न है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बांग्लादेश से प्रताड़ित होकर आए हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख समुदाय के लोगों को अब किसी प्रकार के भय या असुरक्षा में जीवन बिताने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति सदियों से शरण देने और पीड़ितों की रक्षा करने की परंपरा का पालन करती रही है। ऐसे परिवारों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार मिलना देश की मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकता से जुड़े प्रावधानों के माध्यम से उन लोगों को राहत मिली है, जो वर्षों से अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे थे। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों में धार्मिक उत्पीड़न का सामना करने वाले अल्पसंख्यक परिवारों के लिए भारत हमेशा आशा का केंद्र रहा है। अब उन्हें कानूनी पहचान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का सम्मान उसके धर्म, संस्कृति और पहचान की रक्षा से जुड़ा होता है। बांग्लादेश से आए परिवारों को अब समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नागरिकता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ऐसे परिवारों को आत्मसम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन की सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा उन लोगों के साथ खड़ा रहा है, जिन्हें अपने ही देश में धार्मिक आधार पर प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि भारतीय सभ्यता 'वसुधैव कुटुंबकम्' के सिद्धांत पर आधारित है और पीड़ितों को संरक्षण देना हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे परिवार अब अपने बच्चों के साथ सुरक्षित, सम्मानजनक और उज्ज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़ेंगे।