तूफ़ान का कहर इस बार फलों का राजा आम भी न सह सका। मंडल में आम किसानों को शुक्रवार के तूफ़ान ने पसीने छुडा दिए हैं।
मुरादाबाद: शुक्रवार रात आये आंधी तूफ़ान से मंडल भर में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि सैकड़ों लोग घायल भी हुए हैं। इसके साथ बड़ी संख्या में वाहन और घरों के साथ साथ लोगों की अन्य संपत्तियां भी इस तूफ़ान से तबाह हुईं हैं। वहीँ तूफ़ान का कहर इस बार फलों का राजा आम भी न सह सका। मंडल में आम किसानों को शुक्रवार के तूफ़ान ने पसीने छुडा दिए हैं। जिस कारण वो अपना माथा पकड़ कर बैठ गया है। फ़िलहाल स्थानीय प्रशासन ने अभी सर्वे कर नुकसान का आंकलन इक्कठा करने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजने की बात कही है।
इतने बड़े इलाके में होती है पैदावार
यहां बता दें कि मुरादाबाद मंडल में अल्फांसो, दशहरी और लगड़ा आम का स्वाद पूरी दुनिया लेती है। मंडल में 13 सो हेक्टेयर में आम की खेती होती है। मुरादाबाद मंडल में सबसे ज्यादा आम की पैदावार अमरोहा जिले में होती है यहा सब से ज्यादा अल्फांसो आम की पैदावार के अलावा दशहरी, और लंगड़ा आम की फसल होती है। आंधी-तूफान और बारिश से पेड़ो पर लगा आम झड़ कर नीचे गिर गया। जिससे अनुमान लगाया गया कि आम की फसल को बहुत भारी नुकसान होने की उम्मीद है।
अप्रैल में भी हुआ था नुकसान
बीते अप्रैल के महीने में हुई बारिश से आम की फसल का नुकसान 10 प्रतिशत से 15 प्रतिशत के बीच हुआ था। लेकिन शुक्रवार के आंधी तूफान से आम के पेड़ से ज्यादा तर आम झड़ गया है। इस साल पिछले साल के मुकाबले आम की फसल अच्छी थी यह भी अनुमान लगाया जा रहा था कि आम की फसल अच्छी होने से आम की कीमत ज्यादा ऊपर नही जाएगी लेकिन तूफान से हुए नुकसान से लोगो को आम का स्वाद लेने के लिए अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है।
किसान बोले अब क्या होगा
आम के बाग के ठेकेदार राजाराम ने बताया कि मेरे बाग में आम के 245 पेड़ है। अप्रैल में आंधी बारिश से 25 प्रतिशत आम की फसल को नुकसान हुआ था। लेकिन शुक्रवार की रात आये आंधी तूफान से पूरी आम की फसल झड़ गयी है। जिससे आम की फसल को 75 प्रतिशत नुकसान हो गया है।
अधिकारी बोले नुकसान का हो रहा आंकलन
वहीँ उद्यान अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि इस बार अभी तक तेज हवाओं के कारण 25 प्रतिशत आम की फसल को नुकसान हुआ था। लेकिन शुक्रवार के तूफान से आम की फसल को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। जिसका आंकलन किया जा रहा है। वैसे पिछले साल के मुकाबले इस बार आम की फसल बहुत अच्छी हुई थी।