रामपुर के मिलक विधानसभा ब्लाॅक प्रमुख प्रमोद गंगवार के खिलाफ दिया अविश्वास प्रस्तावपत्र
रामपुर। सपा नेता आजम खान को अपने ही गृह जनपद में बड़ा राजनीतिक झटका लग सकता है। सप्ताह भर पहले भाजपाइयों ने सपा के ब्लाॅक प्रमुख सैदनगर की सीट पर सेंधमारी की, जिसके नतीजे गुरुवार यानी 28 जून को आएंगे। उससे पहले एक और ब्लाॅक प्रमुख सीट पर भाजपा ने सेंधमारी करके सपा नेता आजम खान को झटका देने की कोशिश की है। बीते लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनावों में देश भर के अंदर मोदी लहर का जादू चला तो रामपुर में सपा के दिग्गज नेता आजम खान के सामने ना तो मोदी जी का जादू चला और ना ही मोदी लहर। अब सपा नेता आजम खान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
डीएम को दिया अविश्वास प्रत्साव
मंगलवार शाम को कुछ बीडीसी सदस्य भाजपा जिला अध्य्क्ष सुरेश गंगवार के साथ डीएम कार्यालय पहुंचे। वहां पर उन्होंने वर्तमान मिलक विधानसभा ब्लाॅक प्रमुख प्रमोद गंगवार के खिलाफ अविश्वास प्रस्तावपत्र दिया। इस दौरान डीएम महेन्द्र बहादुर ने चार लोगों के शपथपत्रों कि जांच करते हुए चार बीडीसी सदस्यों के हस्ताक्षरों का मिलान कराया। बाद में उन्हें 22 दिन का समय देकर भेज दिया गया।
22 दिन का समय दिया
आपको बता दें कि मिलक ब्लाॅक में 105 बीडीसी सदस्य हैं। इसमें से 88 ने अविश्वास प्रस्ताव बनाकर भाजपा नेत्री और पूर्व ब्लाॅक प्रमुख अर्चना गंगवार को वहां की कमान सौंपने की मांग की है। इस बारे में डीएम महेन्द्र बहादुर का कहना है कि उनके पास 88 सदस्यों की हस्ताक्षरत कॉपी आई हैं। उनके पास चारसदस्य आए थे। उनकी जांच कराई गई है। जांच-पड़ताल कराने में लगभग 22 दिन का वक्त लगेगा।
आजम खान के करीबी हैं प्रमोद
अर्चना गंगवार मिलक विधानसभा से दो बार विधायक रही हैं। अब तक उन्होंने दो पार्टिया बदली हैं। फिलहाल वह भाजपा में हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी ज्वाइन की थी। वहीं, प्रमोद गंगवार सपा नेता आजम खान के बेहद करीबी हैं। उनकी कुर्सी खतरे में है।