
मुरादाबाद: लोकसभा चुनावों की आहट के साथ ही सभी दलों में प्रत्याशियों के चयन को लेकर उहापोह शुरू हो गयी है। जिसमें सबसे ज्यादा चुनौती सतारूढ़ भाजपा के लिए बढ़ गयी है,क्यूंकि 2014 के लोकसभा चुनावों में पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें यूपी से ही मिलीं थी,लेकिन अब परिस्थितियां बदली हुईं हैं तो पार्टी भी उम्मीदवार बदलने के मूड में नजर आ रही है। मुरादाबाद मंडल की 6 लोकसभा सीटों पर भाजपा कई चेहरे बदल सकती है। इसमें रामपुर से सांसद डॉ नैपाल सिंह के नाम पर मुहर भी लग चुकी है कि वे 2019 का चुनाव नहीं लड़ेंगे।
इस वजह से टिकट कटना तय
भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक रामपुर सांसद नैपाल सिंह का टिकट कटना तय है। लेकिन अभी उनकी जगह भाजपा का चेहरा कौन होगा ये तय नहीं है। नैपाल सिंह के टिकट काटने की सबसे बड़ी वजह उनकी उम्र और उनका स्वास्थ्य है जो अब साथ नहीं दे रहा। 80 वर्ष के करीब उम्र होने के साथ सांसद नैपाल सिंह पिछले लम्बे अरसे से बीमार चल रहे हैं। उनका एम्स में भी इलाज चला था। अभी तीन दिन पहले पंचायत भवन में आयोजित लोकसभा संचालन की बैठक में यूरिन बैग के साथ पहुंचे थे। जिससे जाहिर है कि पार्टी अब उनकी सेहत और उम्र को देखते हुए उन्हें दोबारा टिकट नहीं देगी।
कई वर्षों तक रहे शिक्षा मंत्री
नैपाल सिंह उत्तर प्रदेश सरकार में कई वर्षों तक शिक्षा मंत्री भी रहे और मुरादाबाद-बरेली स्नातक एमएलसी भी रहे। 2014 में उन्हें पार्टी ने रामपुर से लोकसभा का टिकट दिया था। जिसमें मोदी लहर में नैपाल सिंह ने सपा के कद्दावर नेता आज़म खान के प्रत्याशी नसीर खान को चुनाव में हरवाया था। इस सीट पर सपा का ही दावा रहता था,जो 2014 में टूट गया था। इसलिए पार्टी नहीं चाहती कि उसके पास से ये सीट जाए और इसके लिए बेहतर उम्मीदवार की तलाश जारी है। स्थानीय स्तर पर कई उम्मीदवार हैं लेकिन अभी सिर्फ कागजी खानापूर्ति ही हो रही है। किसी का नाम फाइनल नहीं है।