सेना पर दिए विवादित बयान पर आजम खान के खिलाफ चार्जशीट, चलेगा मुकदमा
रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान अक्सर अपनी बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं। कुछ ऐसा ही बयान उन्होंने पिछली साल यानी 2017 में दिया था जिसके बाद काफी बवाल खड़ा हो गया। लेकिन अब आजम खान की उसी बयान को लेकर मुसिबते बढ़ने वाली हैं क्योंकि उनके बयान पर अब चार्जशीट दाखिल कर दी गई है जिस पर अब मुकदमा चलेगा। जिस पर आजम खान ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए शुक्रिया किया है।
क्य है मामला- दरअसल मामला अप्रैल 2017 का है जब छत्तीसगढ़ के सुकमा पर नक्सलियों द्वारा सीआरपीएफ जवानों पर घात लगाकर हमला किया था। इस हमले में कई जवानों की मौत हुई थी। साथ खबर आई थी की महिला नक्सलियों ने हमले में शहीद हुए सैनिकों के गुप्तांग काट लिए थे। जिस पर आजम खान ने प्रतिक्रिया देते हुए अमर्यादित बयान दिया था और कहा था कि जिस हिस्से से जिसे शिकायत होती है, उसे ही काटा जाता है। हालांकि उन्होने बाद में साफाई पेश करते हुए कहा था कि उन्होंने सैनिकों का कोई अपमान नहीं किया, वह सेना का पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने तो अखबार में छपी खबर के आधार पर ही यह बात कही थी।
इस बयान के बाद आजम खान बीजेपी के निशाने पर आ गए थे और बीजेपी से जुड़े पूर्व मंत्री शिव बहादुर सक्सेना के बेटे आकाश सक्सेना ने आजम खान के खिलाफ सिविल लाइंस कोतवाली में रिपोर्ट कराई थी। इसके बाद पुलिस ने शासन से मुकदमा चलाने की अमुमती मांगी थी। जिसकी सीडी भी पेश की गई थी। पुलिस ने आजम खां की आवाज की भी लैब में जांच कराई थी। जांच के आरोप पत्र दाखिल करने के लिए शासन को भेजी गई थी। जिसके बाद शासन ने इस मामले में चार्जशीट के लिए मंजूरी दे दी। शासन से अनुमति के बाद आजम खां के खिलाफ आईपीसी की धारा-153ए और 505 का उल्लंघन करने के आरोप में विवेचक की ओर से सीओ सिटी ओपी आर्य द्वारा कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।
आरोप पत्र दाखिल किए जाने की बावत बात करने पर आजम खान ने अपनी सफाई में कुछ भी कहने से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि इस काम के लिए उत्तर प्रदेश सरकार का शुक्रिया। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी पर भी हमला बोला और कहा कि राज खोलने का काम दल्ले करते हैं, इसलिए प्रधानमंत्री इनसे बचकर रहिये। क्योंकि जो लोग कल दूसरे लोगो के बिस्तर की चादर देख रहे थे, कहीं ऐसा न हो आपकी चादर पर भी उनकी नजर हो। अपनी बुराईयों को छुपाने के लिए दूसरे के गिरेबान में झाका नहीं जाता।