लड़की ने कहा- फर्जी दस्तावेज बनाकर उसे अपनी बेटी बता रहे हैं आरोपी
रामपुर. जिले की पुलिस अब एक ऐसे मामले की जांच कर रही है, जिसमें एक बेटी ने अपने मा-बाप को ही पहचानने से इनकार कर दिया है। इतना ही नहीं इस बेटी का आरोप है कि फर्जी दस्तावेज बनाकर उसे अपनी बेटी बता रहे हैं। वहीं तथाकथित मां-बाप ने एक दूसरे समुदाय के सख्श पर आरोप लगाते हुए कोतवाली सिविल लाइन में तहरीर दी है कि उनकी बेटी एक निजी कंपनी में काम करती थी। उसी दौरान उसका अपहरण कर उसका धर्म परिवर्तन करा दिया गया। फिलहाल पुलिस ने दोनों की तहरीर पर जांच करनी शुरू कर दी है।
दरअसल, डूंगरपुर निकट पुलिस लाइन में रहने वाली एक महिला का आरोप है कि उसकी नाबालिग बेटी एक निजी कंपनी में काम करती थी। इस दौरान उसकी मुलाकात मनोज सक्सेना व सचिन शर्मा से हुई। उन्होंने उसकी बेटी को अपने यहां ट्रैवल एजेंसी में काम पर रख लिया। मां के अनुसार 29 सितंबर को जब उनकी बेटी घर नहीं पहुंची तो वह तलाश करते हुए एजेंसी गए। आरोप है कि वहां पर मनोज व सचिन अपने कुछ दोस्तों के साथ मौजूद थे। उन्होंने परिजनों को धमकाते हुए कहा कि उनकी बेटी को बेच दिया है और धर्म परिवर्तन करा दिया है। इस मामले को जब पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया तो पीड़ित मां ने 3 अक्तूबर को एसपी से मुलाकात की। इसके बाद एसपी ने पुलिस को तत्काल मुकदमा लिखने के आदेश दिए, लेकिन फिर भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। उल्टा सिविल लाइंस पुलिस परिजनों को ही धमकाती रही कि उनकी बेटी का कहना है कि उसका परिवार जबरन किसी से उसका निकाह कराना चाहता है। इसलिए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
चारों ओर से निराश इस परिवार ने आखिरकार अपनी पीड़ा को सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। इसके बाद यह वीडियो पिछले कई दिनों से वायरल हो रहा है। मामला सोशल मीडिया के जरिए पुलिस के आला अधिकारियों व शासन तक भी पहुंच गया। इसके बाद आखिरकार 9 दिन बाद पुलिस ने मनोज सक्सेना सहित तीन लोगों के खिलाफ धारा 363, 366, 504, 506 व पास्को एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया। साथ ही पुलिस ने एक मुकदमा नाबालिग लड़की के पिता के खिलाफ भी दर्ज किया है, जिसमें उस पर जबरन बेटी का निकाह कराने व उसके फर्जी प्रपत्र तैयार कराने के आरोप में धारा 420, 467, 468 व 471 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सिविल लाइंस कोतवाल का दावा है कि लड़की के पिता ने फर्जी तरीके से बेटी की आयु छिपाने के लिये 2 आधार कार्ड तैयार कराए थे, लेकिन परिजनों ने हाईस्कूल की अंकतालिका पुलिस को दिखाई, जिसके आधार पर वह नाबालिग है। जबकि पुलिस ने पिता के खिलाफ इस आधार पर मुकदमा दर्ज किया है कि बेटी की आयु छुपाने को दो आधार कार्ड तैयार कराए थे।
वहीं सीओ ओपी आर्या ने बताया है कि इस माममें में पीड़िता की मां ने एक तहरीर दी है उस पर जांच की जा रही है। पीड़ित लड़की ने भी अपने परिवार के सदस्यों पर आरोप लगाया है कि परिवार वाले बिना उसकी मर्जी से निकाह करा रहे थे। दोनों की तहरीरों पर एफआईआर दर्ज करके पुलिस की जांच कर रही है। लड़की पुलिस कब्जे में है।