Moradabad News: परिवहन निगम की खस्ताहाल बसें यात्रियों के सुहाने सफर में रोड़ा बन रही हैं। पीतल नगरी रोडवेज परिसर में पुरानी व जर्जर बसों की भरमार है।
UP Roadways: एक घंटे का सफर दो और तीन घंटे का सफर करीब चार से साढ़े चार घंटे में पूरा हो रहा है। वहीं अधिकांश रोडवेज की बसों में खिड़की से शीशा गायब है। तो कई बसों के दरवाजे भी गायब है। पीतलनगरी डिपो में कुछ बसों के तो फ्रंट मिरर ही चटक कर गिरने की स्थिति में ऐसे में चालक को बस संचालन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
परिवहन निगम के अधिकारी खटारा बसों को सड़कों पर दौड़ाने से बाज नहीं आ रहे। भीषण गर्मी में अगर सफर के दौरान किसी यात्री को चक्कर या पेट में दर्द जैसी समस्या हो जाए तो उन्हें प्राथमिकी इलाज देने के लिए बस में फर्स्ट एड बाक्स की सुविधा तक नहीं है।
मुरादाबाद परिक्षेत्र के पास निगम और अनुबंधित 750 से अधिक बस हैं। जनपद से विभिन्न शहरों को जाने वाली पीतलनगरी डिपो में 178 और मुरादाबाद डिपो 132 बसें हैं। इसमें से अधिकांश बसें जर्जर हो चुकी हैं। सबसे ज्यादा खटारा बसें चंदौसी, संभल, अमरोहा, हरिद्वार, लखनऊ, कानपुर, बिजनौर, हापुड़ और मेरठ मार्ग पर चलती हैं। हालांकि, इस रूट पर यात्री भी ज्यादा हैं। सड़क भी जर्जर हो चुकी हैं।