नमाज के दौरान अगर नहीं दौड़ते पुलिसकर्मी तो मच सकती थी अफरा-तफरी।
मुरादाबाद। शहर में ईद की नमाज के दौरान एक आवारा कुत्ता नाले के अंदर से अचानक निकल आया। उस वक्त लाखों की संख्या में लोग ईद की नमाज पढ़ने के लिए खड़े होने ही वाले थे। अचानक नमाजियों के बीच में से एक शोर सा उठा। ये देखकर ईदगाह के ठीक सामने बनी इमारत की छत पर आस्थाई रूप से बने टेंट में बैठे डीएम और एसएसपी भी उठ खड़े हुए। वहां मौजूद पत्रकारों के कैमरे भी उधर ही घूम गए। तभी नमाज़ियों की सफों में से होते हुए चौकी इंचार्ज असालतपुरा मुमताज खान व चौकी इंचार्ज हरेंद्र सिंह व एक अन्य पुलिसकर्मी उधर ही दौड़ पड़े।
मुमताज खान और हरेंद्र सिंह ने कुत्ते को पकड़कर वहां नगर निगम द्वारा पेड़ों की सुरक्षा के लिये बनाई गई बाउंड्री सर्किल में उठाकर डाल दिया। इसी दौरान कुत्ते ने मुमताज़ खान के हाथ में अपने दांत गड़ा दिए। जिससे मुमताज खान के हाथ में जख्म हो गया। इसी दौरान चौकी इंचार्ज हरेंद्र सिंह पास में रखी लोहे की चादर को दौड़कर उठाकर लाए और उसे उस बाउंड्री सर्किल के ऊपर रख दिया और नमाज समाप्त होने तक उस पर बैठे रहे। जिससे उन्होंने नमाज के दौरान खलल पड़ने से रोक दिया। एक तरफ पुलिस का ये कार्य काबिले तारीफ है तो वहीं इसने नगर निगम की नाकामी को भी दर्शाया। तीनों पुलिस कर्मियों के इस कार्य की चारों ओर तारीफ हो रही है।
एसएसपी ने इसलिए किया सम्मानित
यदि नमाज के दौरान कुत्ता अंदर प्रवेश कर जाता तो अफरातफरी मच सकती थी। तीनों पुलिसकर्मियों को इस सराहनीय कार्य के लिए रविवार को एसएसपी जे रविन्दर गौड ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। एसएसपी ने कहा कि पुलिसकर्मियों को हर समय अलर्ट रहकर अपने कार्य का निर्वाह करना चाहिए।