मुरादाबाद

बड़ी खबर: आज से किसानों ने इन जरूरी चीजों की सप्लाई कर दी है ठप, कर लें इंतजाम

दस दिन तक शहरों के लिए गांव से नहीं जाएंगी ये चीजें

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Farmers Protest
बड़ी खबर: आज से किसानों ने इन जरूरी चीजों की सप्लाई कर दी है ठप, कर लें इंतजाम

मुरादाबाद। मंडल के संभल जिले में किसानों ने शुक्रवार को संभल-बुलंदशहर मार्ग जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क पर आलू टमाटर फेंककर दूध बहाया। किसान आयोग की रिपोर्ट लागू करने और किसान को कर्ज मुक्त करने की मांग को लेकर किसानों ने आज 1 जून से 10 जून तक के लिए धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया। पाकिस्तान से चीनी मंगाए जाने को लेकर भी किसानों ने कड़ा विरोध जताया। किसानों का यह धरना लगातार 10 दिन तक जारी रहेगा। इस दौरान गांवों से शहरों के लिए सप्लाई होने वाली सब्जी और दूध की सप्लाई किसानों द्वारा ठप रहेगी। किसानों के इस धरने को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। किसानों का यह धरना हयातनगर थाना इलाके के संभल-बुलंदशहर मार्ग पर स्थित खिरनी तिराहे पर चल रहा है।

आपको बता दें कि गन्ने का बकाया और किसानों को उचित रेट पर खाद और बीज न मिलने समेत कई मांगों को लेकर देश भर के किसानों ने आज एक जून से दस जून तक शहरों में दूध और सप्लाई ठप करने का एक महीने पहले ही ऐलान किया था। जिसका असर पहले दिन कुछ ख़ास नहीं दिखा, लेकिन मुरादाबाद मंडल में किसानों ने जगह-जगह बड़ी मंडियों में सप्लाई रोककर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार से किसानों के हित में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग की।

जनपद मुरादाबाद के बिलारी कस्बे में सुबह से ही किसान सड़कों पर आ गए थे और शहर के लिए दूध और सब्जी नहीं जाने दी। वहीं संभल में भी किसानों ने हयातनगर थाना क्षेत्र में बुलंदशहर मार्ग पर जाम लगा दिया और सड़कों पर फल और सब्जियों के साथ दूध भी बहा दिया। किसानों ने कहा अभी दस दिन सिर्फ ये प्रदर्शन चलेगा अगर सरकार नहीं मानी तो फिर सिवाय सड़कों पर उतरने के कुछ नहीं रहेगा। भारतीय किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष ऋषिपाल सिंह ने कहा कि सरकार और प्रशासन चीनी मिलों के साथ मिलकर किसानों का शोषण कर रहे हैं। हमारे बच्चे भूखे मरने की कगार पर आ गए हैं। जब किसानों के लिए नियम है कि पन्द्रह दिन के अंदर किसानों का भुगतान होना चाहिए तो चीनी मिलें किसकी शह पर किसानों का पैसा दबाये बैठी हैं। एक दिन में 35 करोड़ जारी होने पर कहा कि ये सिर्फ दिखावा है। किसानों को ब्याज सहित पूरा पैसा मिलना चाहिए। जब तक नहीं मिलेगा तब तक आन्दोलन चलेगा।

यहां बता दें कि किसानों की दशा को लेकर देश भर के किसान संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसमें वे पहले एक जून से दस जून तक शहरों में दूध और सब्जी की सप्लाई रोकेंगे। अगर उसके बाद भी सरकार ने उनकी मांगों को अनदेखा किया तो फिर तीव्र आन्दोलन होगा। शुक्रवार को पहले दिन भले ही किसानों के प्रदर्शन का असर ज्यादा न देखने को मिल रहा हो लेकिन किसानों के तेवरों से साफ़ है कि इस बार वे बिना ठोस आश्वासन के वापस नहीं लौटेंगे। लिहाजा अगले दो से तीन दिन में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

Published on:
01 Jun 2018 03:42 pm