
Moradabad Crime: पीड़िता के पिता को आरोपी पक्ष के लोगों ने रिपोर्ट दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। थाना छजलैट क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीण ने 13 अक्तूबर 2019 को छजलैट थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
टॉफी खिलाने के बहाने की गंदी हरकत
इसमें कहा कि घर में उनकी पांच वर्षीय बेटी अकेली थी। आरोप था कि गांव का ही व्यक्ति उसे टॉफी खिलाने के बहाने से ले गया। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने बताया कि वह 11 अक्तूबर को मजदूरी करने गया था। उसकी पत्नी अपने मायके बिजनौर गई हुई थी। घर में केवल बच्चे मौजूद थे। जब वह शाम को घर वापस आया तो उसकी पांच वर्षीय बड़ी बेटी रो रही थी। जब उसे चुप कराने के लिए देखा तो उसके कपड़े खून से सने हुए थे।
कोर्ट ने सुनाई बीस साल की सजा
समझौता नहीं करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। जिसके दो दिन बाद आरोपी और उसके परिचितों से छिप कर पीड़िता ने मुकदमा दर्ज कराया। इस मामले में दरोगा प्रिंस शर्मा ने विवेचना कर आरोपी अंकित के खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश की। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन चंद्र विजय श्रीनेत की अदालत में की गई। विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार गुप्ता एवं अकरम खान ने बताया कि पीड़िता एवं अन्य गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपी अंकित को दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए बीस साल की कड़ी सजा सुनाई है।