Kamal Akhtar on Jal Jeevan: समाजवादी पार्टी के विधायक कमाल अख्तर ने विधानसभा में जल जीवन मिशन में कथित गड़बड़झाले का मुद्दा उठाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गांवों में घर-घर पानी नहीं पहुंच पाया है।
Jal Jeevan Mission Scam: समाजवादी पार्टी के विधायक कमाल अख्तर ने विधानसभा में जल जीवन मिशन को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक-एक गांव में करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे तो किए हैं, लेकिन हकीकत यह है कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को घरों तक पीने का साफ पानी नहीं मिल पा रहा है। विधायक ने सदन में कहा कि गांवों की तस्वीर देखकर लगता है कि योजनाएं सिर्फ फाइलों और आंकड़ों तक सीमित रह गई हैं, जमीनी स्तर पर उनका असर न के बराबर दिखाई देता है।
विधायक ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत बड़े-बड़े बजट पास किए गए, पाइपलाइन बिछाने और योजनाएं बनाने में भारी-भरकम खर्च दिखाया गया, लेकिन गांवों में नल सूखे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि जिन घरों तक पानी पहुंचना था, वहां आज भी महिलाएं दूर-दराज से पानी ढोने को मजबूर हैं। यह हालात सरकार की योजनाओं पर सवाल खड़े करते हैं और ग्रामीणों के साथ एक तरह का छल प्रतीत होते हैं।
कमाल अख्तर ने सदन में सरकार को व्यावहारिक सुझाव देते हुए कहा कि अगर एक गांव में 600 से अधिक घर नहीं होते, तो हर घर में सबमर्सिबल पंप या नल लगवाकर पानी पहुंचाया जा सकता था। उन्होंने गणना पेश करते हुए बताया कि एक हैंडपंप पर करीब 35 हजार रुपये और सबमर्सिबल पर लगभग 18 हजार रुपये खर्च आता है। अगर एक गांव में खर्च किए गए करोड़ों रुपये को घरों की संख्या से विभाजित किया जाए, तो कोई भी घर पानी से वंचित न रहता और सरकार का पैसा भी सही जगह लगता।
विधायक ने बताया कि केवल उनके विधानसभा क्षेत्र ही नहीं, बल्कि संभल, रामपुर, अमरोहा, हापुड़ और सहारनपुर जैसे जिलों में भी हालात एक जैसे हैं। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में जल संकट बना हुआ है और लोग सरकारी योजनाओं के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही सुन रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा असंतोष है कि करोड़ों खर्च होने के बाद भी उन्हें पानी जैसी बुनियादी सुविधा नहीं मिल पा रही।
जल जीवन मिशन पर सदन में रखी गई कमाल अख्तर की बातों का करीब 2.13 मिनट का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में विधायक सरकार की कार्यशैली पर तीखा हमला करते नजर आ रहे हैं। बाद में बातचीत के दौरान भी उन्होंने अपने आरोपों को दोहराया और कहा कि यह मुद्दा सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि गांवों की जिंदगी से जुड़ा हुआ सवाल है।
कमाल अख्तर ने सपा सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समय जनेश्वर मिश्रा ग्रामीण योजना और लोहिया ग्राम योजना जैसी योजनाएं चलाई गई थीं। इन योजनाओं के तहत गांवों की सड़कों और बुनियादी ढांचे में सुधार किया गया था। विधायक ने कहा कि अगर उसी तरह ईमानदारी से जल जीवन मिशन को लागू किया जाता, तो आज गांवों में पानी की समस्या इतनी गंभीर न होती।
सदन में जल संकट के साथ-साथ विधायक ने अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े कई स्थानीय मुद्दे भी उठाए। उन्होंने कांठ क्षेत्र में विश्नोई समाज के भूड़ मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए पर्याप्त धनराशि देने की मांग की। इसके साथ ही हाल ही में दिवंगत गुरु राजेंद्रानंद महाराज की प्रतिमा मंदिर परिसर के पास स्थापित करने की मांग रखी। लाडलाबाद स्थित शिव मंदिर तक जाने वाले जर्जर मार्ग के शीघ्र निर्माण और चक्कर की मिलक स्थित दरगाह हजरत शाह बुलाकी के विकास व संरक्षण के लिए विशेष बजट देने की भी मांग की गई।
कमाल अख्तर ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जल जीवन मिशन के तहत जारी की गई राशि आखिर कहां खर्च हुई। उन्होंने मांग की कि योजनाओं की स्वतंत्र जांच कराई जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में सरकारी धन का दुरुपयोग न हो। विधायक ने कहा कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक गांवों तक पानी पहुंचने का सपना अधूरा ही रहेगा।