
Kanwar Yatra 2025 traffic diversion delhi lucknow highway: सावन के अंतिम चरण में कांवड़ यात्रा पूरे चरम पर पहुंच चुकी है। कांवड़ियों की भारी भीड़ और उनकी सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने दिल्ली-लखनऊ हाईवे और कांठ रोड पर ट्रैफिक प्लान में बड़ा बदलाव किया है। अब हाईवे की दोनों लेन पूरी तरह से कांवड़ियों के लिए आरक्षित कर दी गई हैं, जबकि भारी वाहनों और चार पहिया निजी गाड़ियों को वैकल्पिक रूट से भेजा जा रहा है।
शुक्रवार को जैसे ही ब्रजघाट के लिए कांवड़ियों के बड़े जत्थे रवाना हुए, दिल्ली-लखनऊ हाईवे और सर्विस रोड पर कई स्थानों पर भीषण जाम लग गया। पाकबड़ा क्षेत्र में स्थिति और गंभीर हो गई जब सर्विस रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए भारी वाहनों को तुरंत ही वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट कर दिया।
शनिवार सुबह से कांवड़ियों की संख्या और अधिक बढ़ने की आशंका के चलते छोटे वाहनों का संचालन भी रोक दिया गया। अब हाईवे की दोनों लेन सिर्फ कांवड़ यात्रा के लिए आरक्षित कर दी गई हैं। यह व्यवस्था शनिवार से ही लागू हो चुकी है और अगले आदेश तक जारी रहेगी।
हरिद्वार से लौटते कांवड़ियों की भीड़ को देखते हुए कांठ रोड पर एकतरफा (वनवे) ट्रैफिक की व्यवस्था की गई है। यहां एक लेन सिर्फ कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी, जबकि दूसरी लेन पर छोटे वाहन सावधानी से संचालन करेंगे। भारी वाहनों का संचालन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने जानकारी दी कि ब्रजघाट के लिए बड़ी संख्या में कांवड़िए निकल रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा और यातायात दोनों ही दृष्टिकोण से हाईवे पर सख्त व्यवस्था लागू की गई है। ट्रैफिक पुलिस और सिविल पुलिस की टीमें हर मुख्य चौराहे पर तैनात की गई हैं, ताकि व्यवस्था नियंत्रित बनी रहे।
यदि आप मुरादाबाद से दिल्ली या मेरठ की ओर यात्रा कर रहे हैं, तो कृपया नीचे दिए गए रूट का प्रयोग करें:
मुरादाबाद से बिलारी, बिलारी से संभल, संभल से बबराला, बबराला से नरौरा, नरौरा से डिबाई, डिबाई से बुलंदशहर, बुलंदशहर से सिकंदराबाद, सिकंदराबाद से मेरठ/दिल्ली।
रोडवेज बसें, निजी बसें, टैक्सी, चार पहिया वाहन और भारी वाहन सभी को इसी रूट से डायवर्ट किया गया है। लौटते समय भी यही रूट फॉलो करना होगा।
प्रशासन ने सभी यात्रियों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे पुलिस द्वारा निर्देशित मार्गों का ही प्रयोग करें और अनावश्यक रूप से हाईवे पर प्रवेश न करें। कांवड़ियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यह कदम उठाए गए हैं।