सरकार के ओडीएफ मुक्त मुरादाबाद करने में तेंदुए और जंगली जानवर मददगार बने है। ख़ौफ़ में शौचालयो का निर्माण कर उसका उपयोग भी कर रहे है।
मुरादाबाद: जनपद को खुले से शौच मुक्त करने को लेकर प्रदेश का पंचायती राज विभाग लगातार प्रयासरत है । जिसको लेकर विभाग के द्वारा हर गांव हर गली के जरूरतमंद को शौचालय बनबाने के लिये पैसा भी दिया जा रहा है । ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत का सपना 2 अक्तूबर 2018 से पहले पूरा हो सके । जिसके लिये केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार प्रसार प्रसार के माध्यम से लोगो को ओडीएफ के प्रति जागरूक भी कर रही है । लेकिन इसके बाबजूद भी सरकार से पैसा और सुविधा मिलने के बाबजूद कुछ लोग अपनी सोच और अपनी आदत को बदलने के लिये तैयार नही है । इसी सब के बीच मुरादाबाद जनपद से हैरान करने वाला मामला सामने आया है । यहां सरकार के ओडीएफ मुक्त मुरादाबाद करने में तेंदुए और जंगली जानवर मददगार बने है। जिसका नतीजा ये है कि लेटलतीफी करने वाले छजलैट और ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्रों के करीब 50 से अधिक गांव ऐसे हैं ,जिन्होंने तेंदुए और जंगली जानवरों के ख़ौफ़ के चलते अपने घरों में शौचालयो का निर्माण पूर्ण करा कर उसका उपयोग भी कर रहे है। ख़ौफ़ का आलम यहां तक है कि अब गांव में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक का हर व्यक्ति और घर मे बने शौचालय में भी शौच को जाते है ।
जबकि इससे पहले लगातार स्वच्छता और शौचालय के उपयोग करने को लेकर सरकार द्वारा जागरूकता अभियान के बाबजूद भी ग्रामीण न तो शौचालय बनबाने के तरफ न तो ध्यान ही देते थे बल्कि शौचालय का उपयोग भी नही करते थे। लेकिन जब से इन क्षेत्रों में तेंदुए और जंगली जानवरों की दस्तक बढ़ी है। तब से लेकर सभी गांव के लोगो ने अपने घरों में शौचालय को बनवा लिया है । और अब स्वच्छता का मतलब भी समझने लगे है
प्रधानपति सहपाल सिंह बताते हैं कि जंगल मे तेंदुए जैसे अन्य कई जंगली जानबरो जंगल मे खेतों में घूमते दिखाई देते है । जिसकी बजह से लोगो ने बाहर शौच के लिये जाना बंद कर दिया है।
वहीँ इस पर पंचायती राज विभाग के उप निदेशक महेंद्र सिंह का कहना है कि अब लोगो की समझ मे आ चुका है कि शौचालय बनवाना कितना आवश्यक है । ठाकुरद्वारा के गांव अब्दुलपुर लैदा में तेंदुए ने एक बच्चे को मार दिया था । जिसके बाद 20 से अधिक गांव मे लोगो ने अपने घरों में शौचालय बनबाकर खुले में शौच जाना पूरी तरहा बंद कर दिया है ।