मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमसी गर्ग का कहना है कि कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। लैब तकनीशियन की कमी होने की वजह से नमूने कम हुए हैं।
मुरादाबाद. कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन को लेकर पूरी दुनिया में हलचल मची हुई है। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में हालात को लेकर स्वास्थ्य विभाग में चिंता दिखाई नहीं दे रही है। जिले में विदेश से लौटकर आने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। बावजूद इसके निगरानी तंत्र पूरी तरह से फेल साबित हो रहा है। आलम यह हैं कि बाजार, बस अड्डा समेत अन्य सार्वजनिक स्थलों पर फोकस्ड नमूने लेने के लिए भी टीमें नहीं पहुंच पा रहीं हैं।
विदेश से मुरादाबाद आ चुके हैं 203 लोग
उत्तर प्रदेश का मुरादाबाद शहर निर्यात नगरी के नाम से विश्व भर में जाना जाता है। कारोबार के लिए लोग दुनिया भर के देशों में व्यापारिक यात्रा करते रहते हैं। पिछले आठ दिनों में 203 लोग विदेश से लौटकर मुरादाबाद आ चुके हैं। केंद्र सरकार की गाइड लाइन के अनुसार विदेश से लौटने वालों की सात दिन तक निगरानी की जाएगी। लेकिन, ऐसा नहीं हो रहा है। तबीयत खराब होने पर उनका नमूना भी लिया जाएगा।
एक हजार भी नहीं पहुंच रहा है जांच का आकंड़ा
मुरादाबाद जिले में आरटी-पीसीआर जांच को लेकर स्थिति ठीक नहीं है। जांच का आंकड़ा एक हजार को भी पार नहीं कर पा रहा है। जबकि तीन हजार नमूने लेने का निर्देश भी मिल चुका है। चुनिंदा स्थानों पर तीन से पांच टीमें ही नमूने कर पा रही हैं।
बरती जा रही है सतर्कता-सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमसी गर्ग का कहना है कि कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। लैब तकनीशियन की कमी होने की वजह से नमूने कम हुए हैं। उम्मीद है नमूने बढ़ जाएंगे। कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई है।