Moradabad News: मुरादाबाद में पीतल कारोबारी के घर हुई सनसनीखेज डकैती का पुलिस ने 3 दिन में खुलासा कर दिया। कारोबारी की बेटी ने ही प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी।
Dacoity Brass Trader Moradabad:मुरादाबाद के थाना नागफनी क्षेत्र में पीतल कारोबारी के घर हुई सनसनीखेज डकैती की घटना का पुलिस ने महज तीन दिनों में खुलासा कर दिया। इस हाईप्रोफाइल डकैती मामले में पुलिस ने कारोबारी की बेटी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 47 लाख 24 हजार रुपये नकद, अवैध हथियार, मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गई दो कारें भी बरामद की हैं। इस खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है, क्योंकि जिस बेटी पर परिवार को सबसे ज्यादा भरोसा था, वही इस पूरी साजिश की सबसे अहम कड़ी निकली।
पुलिस के अनुसार 11 मई 2026 की रात पीतल कारोबारी मोहम्मद इमरान के घर में बदमाश घुस आए थे। आरोपियों ने परिवार को हथियार दिखाकर डराया-धमकाया और घर में रखी भारी नकदी तथा कीमती सामान लूटकर फरार हो गए थे। घटना के बाद नागफनी इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। कारोबारी की तहरीर पर पुलिस ने डकैती का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और कई टीमों को जांच में लगाया गया।
एसएसपी मुरादाबाद के निर्देश पर थाना नागफनी पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से संदिग्धों तक पहुंच बनाई। आखिरकार पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में अरशद वारसी, कुलदीप, रवि कुमार, निक्की और कारोबारी की बेटी अरीबा शामिल हैं। पूछताछ के दौरान जब पुलिस ने सख्ती दिखाई तो पूरी साजिश का चौंकाने वाला सच सामने आ गया।
पूछताछ में मुख्य आरोपी अरशद वारसी ने बताया कि उसका कारोबारी की बेटी अरीबा के साथ पिछले आठ-नौ वर्षों से प्रेम संबंध था। लेकिन परिवार दोनों की शादी के खिलाफ था, क्योंकि दोनों अलग-अलग जाति से थे। इसी बीच अरीबा ने अरशद को बताया कि उसके पिता बड़े कारोबारी हैं और घर में हमेशा लाखों रुपये नकद रहते हैं। धीरे-धीरे दोनों ने इस पैसे को हथियाने की योजना बना ली। पुलिस के मुताबिक अरीबा घर में आने-जाने वाले पैसों की पूरी जानकारी अपने प्रेमी को देती रहती थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना से करीब एक महीने पहले अरीबा ने अपने प्रेमी अरशद को घर की चाबियां तक दे दी थीं। इतना ही नहीं, घटना वाली रात उसने मेन गेट खोलने का भी भरोसा दिया था। इसी भरोसे पर अरशद ने अपने साथियों को योजना में शामिल किया। इसके बाद एक-एक कर अन्य आरोपी भी जुड़ते चले गए और सभी ने मिलकर पूरी प्लानिंग के साथ कारोबारी के घर डकैती को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक अरशद ने सबसे पहले कुलदीप से संपर्क किया। कुलदीप ने रवि को जोड़ा और रवि के जरिए निक्की इस गैंग में शामिल हुआ। बाद में निक्की ने अपने दोस्त आदित्य से संपर्क किया। आदित्य अपने साथ बिट्टू और कुछ अन्य लोगों को लेकर आया। सभी ने मिलकर कई दिनों तक रेकी की और सही मौके का इंतजार किया। मौका मिलते ही देर रात घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 47 लाख 24 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा 315 बोर के तीन अवैध तमंचे, 32 बोर का एक तमंचा, जिंदा कारतूस, पांच मोबाइल फोन और दो हुंडई एक्सेंट कार भी बरामद की गई हैं। पुलिस का कहना है कि बरामदगी और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों पर आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
इस पूरे मामले ने लोगों को सबसे ज्यादा इसलिए चौंकाया क्योंकि साजिश में कारोबारी की अपनी बेटी शामिल निकली। जिस परिवार ने बेटी पर भरोसा किया, उसी ने प्रेमी के साथ मिलकर घर में डकैती की योजना बना डाली।