Moradabad Crime: यूपी के मुरादाबाद में इंस्टाग्राम पर रचे गए कथित प्रेमजाल और 10 लाख रुपये की ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर एक पिता ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली।
Blackmail Suicide Case Moradabad:मुरादाबाद में सोशल मीडिया के जरिए रची गई एक साजिश ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। इंस्टाग्राम पर शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे कथित प्रेमजाल में बदली और फिर ब्लैकमेलिंग का रूप लेती चली गई। इस घटनाक्रम ने अंततः एक बेबस पिता की जान ले ली। परिवार का आरोप है कि मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को निशाना बनाकर लाखों रुपये की मांग की गई और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकियां दी गईं।
परिजनों के अनुसार, सचिन नामक युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ है। इसी कमजोरी का फायदा उठाते हुए एक युवती ने इंस्टाग्राम के माध्यम से उससे संपर्क किया। बातचीत के दौरान उसे भावनात्मक रूप से अपने जाल में फंसाया गया। परिवार का कहना है कि युवक की मानसिक स्थिति को समझते हुए उसे योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया गया, ताकि बाद में उससे और उसके परिवार से धन की उगाही की जा सके।
आरोप है कि जब मामला आगे बढ़ा तो युवती और उसके साथियों ने युवक के पिता महिपाल सिंह से संपर्क साधा। फोन पर कथित तौर पर यह कहा गया कि या तो अपने बेटे की शादी युवती से कराओ या 10 लाख रुपये दो। परिवार का कहना है कि यह मांग लगातार दबाव और धमकियों के साथ दोहराई जाती रही। पिता पर मानसिक दबाव इतना बढ़ गया कि वे गहरे तनाव में रहने लगे।
परिजनों ने बताया कि आरोपियों ने यह भी धमकी दी कि यदि रकम नहीं दी गई तो पूरे परिवार को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवा दिया जाएगा। आए दिन मिल रही इन धमकियों से महिपाल सिंह बुरी तरह परेशान हो गए। आर्थिक और सामाजिक बदनामी के डर ने उनके मनोबल को तोड़ दिया। लगातार तनाव और भय के माहौल ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया।
बताया गया कि 24 फरवरी को अत्यधिक मानसिक दबाव के चलते महिपाल सिंह ने जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिवार ने उन्हें तत्काल कासमास अस्पताल में भर्ती कराया। कई दिनों तक उनका इलाज चलता रहा, लेकिन एक मार्च को उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।
मामले में सुरेंद्र सिंह ने पुलिस को लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अमरोहा निवासी पुष्पांजलि, देवेंद्र गुर्जर और राजू सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। मोबाइल कॉल डिटेल, सोशल मीडिया चैट और अन्य तकनीकी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक रूप से कमजोर या अस्वस्थ लोगों को टारगेट कर ब्लैकमेलिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी संदिग्ध संपर्क या धमकी की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।