Moradabad News: यूपी के मुरादाबाद में मीटर रीडर से 25 हजार रुपये लेने के आरोप में SDO द्वारा ‘मुर्गा’ सजा देने का वीडियो वायरल हो गया। मामले में विभाग ने मीटर रीडर की सेवा समाप्त कर दी, जबकि SDO की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
Rooster Punishment Case: मुरादाबाद जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां बिजली विभाग के एक संविदा मीटर रीडर को कथित गड़बड़ी के आरोप में ‘मुर्गा’ बनने की सजा दी गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही विभाग हरकत में आया और मीटर रीडर की सेवा समाप्त कर दी गई। हालांकि, इस पूरे प्रकरण में एसडीओ की भूमिका को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
मामला मूंढ़ापांडे क्षेत्र के गांव रसूल नगला का है, जहां एक उपभोक्ता से बिजली बिल जमा करने के नाम पर मीटर रीडर ने 25 हजार रुपये ले लिए। आरोप है कि रुपये लेने के बावजूद बिल जमा नहीं किया गया, जिससे उपभोक्ता को परेशानी का सामना करना पड़ा। जब काफी समय तक बिल अपडेट नहीं हुआ तो उपभोक्ता को संदेह हुआ और उसने मीटर रीडर की तलाश शुरू की।
शुक्रवार को मीटर रीडर उपभोक्ता के हाथ लग गया। इसके बाद उपभोक्ता ने ग्रामीणों के साथ मिलकर उसे पकड़ लिया और सीधे दलपतपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र पर तैनात एसडीओ के पास ले गए। वहां उपभोक्ता ने पूरी घटना की जानकारी अधिकारियों को दी और कार्रवाई की मांग की।
शिकायत सुनने के बाद एसडीओ ने नियमों के तहत कार्रवाई करने के बजाय एक अनोखा फैसला सुनाया। उन्होंने मीटर रीडर को ‘मुर्गा’ बनने की सजा दे दी। एसडीओ के आदेश पर मीटर रीडर करीब दस मिनट तक ‘मुर्गा’ बना रहा, जिसे वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने वीडियो में रिकॉर्ड कर लिया।
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, बिजली विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया।
मुख्य अभियंता के निर्देश पर संविदाकर्मी मीटर रीडर की सेवा समाप्त कर दी गई। विभाग की ओर से यह भी कहा गया कि मामले की रिपोर्ट संबंधित कंपनी को भेज दी गई है। साथ ही एसडीओ की भूमिका को लेकर भी जांच के आदेश दिए गए हैं, हालांकि शुरुआती स्तर पर उन्हें क्लीन चिट मिलने की बात सामने आई है।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या किसी अधिकारी को इस तरह की सजा देने का अधिकार है। भले ही मीटर रीडर ने गलती की हो, लेकिन उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए थी। ‘मुर्गा’ बनाने जैसी सजा ने विभागीय कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एसपी सिटी ने बताया कि इस मामले में अब तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि यदि शिकायत मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।