Moradabad News: यूपी के मुरादाबाद में ड्यूटी के दौरान रामगंगा नदी में डूबे सिपाही मोनू कुमार का शव 28 घंटे बाद बरामद हुआ। गाजियाबाद के लोनी निवासी मोनू 2018 में यूपी पुलिस में भर्ती हुए थे।
Moradabad police constable monu body found after 28 hours: मुरादाबाद के डिलारी थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां ड्यूटी के दौरान नदी में डूबे सिपाही मोनू कुमार का शव 28 घंटे की लंबी तलाश के बाद बरामद हुआ। गाजियाबाद जिले के लोनी निवासी मोनू कुमार वर्ष 2018 में यूपी पुलिस में भर्ती हुए थे और वर्तमान में उनकी तैनाती डिलारी थाने में थी।
सोमवार की रात करीब 2 बजे सिपाही मोनू को सूचना मिली कि डिलारी क्षेत्र के गांव बढ़ेरा के पास रामगंगा नदी के तेली घाट पर कुछ मछुआरे अवैध रूप से मछली पकड़ रहे हैं। मोनू अपने साथी सिपाही अमरपाल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने मछुआरों को भगाना शुरू किया और मछली पकड़ने में इस्तेमाल हो रहे जाल को जब्त करने का प्रयास किया।
इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में जा गिरे। साथी सिपाही अमरपाल ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन नदी का बहाव इतना तेज था कि कुछ ही पलों में मोनू पानी में बह गए और नजरों से ओझल हो गए।
हादसे के बाद तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई और सिपाही की तलाश के लिए एसडीआरएफ, पीएसी और स्थानीय गोताखोरों की टीम को लगाया गया। मंगलवार को पूरे दिन नदी में सर्च ऑपरेशन चला, लेकिन सफलता नहीं मिली। रात होने के कारण ऑपरेशन रोकना पड़ा।
बुधवार सुबह एक बार फिर तलाशी अभियान शुरू किया गया और करीब सुबह 6 बजे तेली घाट से थोड़ी दूरी पर मोनू का शव बरामद कर लिया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
इस हादसे से पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर है। साथी कर्मियों और अधिकारियों ने मोनू की ड्यूटी के प्रति निष्ठा और साहस की सराहना करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। बताया जा रहा है कि मोनू ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ सिपाही थे, जो हमेशा सेवा के लिए तत्पर रहते थे।