UP Police Action: मुरादाबाद पुलिस ने बीते 15 महीनों में अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 80 से ज्यादा एनकाउंटर किए, जिसमें तीन कुख्यात बदमाश ढेर हुए, 90 को गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया और 145 अपराधियों को जेल भेजा गया।
Moradabad Police Encounter:उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद पुलिस ने बीते 15 महीनों में अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 80 से अधिक मुठभेड़ों को अंजाम दिया है। इन कार्रवाइयों में तीन कुख्यात बदमाशों को ढेर किया गया, जबकि 90 अपराधियों को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 145 अपराधियों को जेल भेजा गया है। पुलिस ने गो-तस्करी, हत्या, दुष्कर्म और रंगदारी जैसे गंभीर अपराधों पर लगातार अभियान चलाकर अपराधियों में खौफ पैदा किया है।
करीब चार महीने के अंतराल के बाद पुलिस ने एक बार फिर रंगदारी मांगने वाले अपराधी को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। इससे पहले 11 नवंबर को एसटीएफ के साथ संयुक्त कार्रवाई में दो बदमाशों को मार गिराया गया था। इन अपराधियों ने कटघर क्षेत्र के एक कारोबारी से मोटी रकम की रंगदारी मांगी थी। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों ने अपराध जगत में हलचल मचा दी है।
पिछले 15 महीनों में हुई इन 80 से ज्यादा मुठभेड़ों में 15 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। 11 नवंबर की मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी आसिफ टिड्डा और उसका साथी दीनू मारे गए थे। आसिफ पर एक लाख रुपये और दीनू पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित था, जिससे उनकी अपराधी छवि का अंदाजा लगाया जा सकता है।
इन दोनों बदमाशों ने कटघर क्षेत्र के एक व्यापारी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी और रकम न देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। इसके अलावा जिले के कटघर, मूंढापांडे, भोजपुर और सिविल लाइंस समेत कई थाना क्षेत्रों में पुलिस और बदमाशों के बीच लगातार मुठभेड़ें हुई हैं, जिससे कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों पर कड़ा संदेश गया है।
15 मार्च को सिविल लाइंस क्षेत्र के एक निर्यातक से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। धमकी देने वाले बदमाशों को पुलिस ने बुधवार रात मुठभेड़ में ढेर कर दिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस अन्य फरार साथियों की तलाश में जुटी हुई है, ताकि पूरे नेटवर्क को खत्म किया जा सके।
मुठभेड़ में मारा गया आशू उर्फ मोंटी हापुड़ के हाफिजपुर थाना क्षेत्र के मीरपुर कला का निवासी था। वह करीब छह साल पहले भी हापुड़ में एक मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया जा चुका था। इससे साफ है कि वह लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय था और पुलिस के रडार पर बना हुआ था।
प्रदेश में अपराध के खिलाफ सख्ती के दौरान टॉप-25 माफिया की सूची में मेरठ के कुख्यात उधम सिंह का नाम भी शामिल किया गया था। यह गैंग पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक बड़ा आपराधिक नेटवर्क माना जाता है, जो सुपारी लेकर हत्या कराने से लेकर लूटपाट जैसी वारदातों को अंजाम देता है। पुलिस की लगातार कार्रवाई इस गैंग की कमर तोड़ने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।