Moradabad News: मुरादाबाद में प्रॉपर्टी दिखाने के बहाने एक डीलर को जाल में फंसाकर मारपीट की गई, जबरन अश्लील हरकतें कर वीडियो बनाया गया और फिर तीन लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई।
Property dealer honeytrap Moradabad: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी दिलाने के नाम पर एक प्रॉपर्टी डीलर को जाल में फंसाकर बेरहमी से मारपीट करने, जबरन अश्लील हरकतें करने और उनका वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि यह पूरा घटनाक्रम सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया, ताकि पीड़ित से मोटी रकम वसूली जा सके। घटना के बाद पीड़ित और उसका परिवार गहरे सदमे में है।
रामगंगा विहार निवासी पीड़ित प्रॉपर्टी डीलर की पत्नी ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। महिला का आरोप है कि नवंबर 2025 में उनके पति की मुलाकात एक महिला से हुई थी, जिसने बेहद सस्ते दाम पर प्रॉपर्टी दिलाने का भरोसा दिलाया। भरोसे में आकर पीड़ित ने उस महिला को 20 हजार रुपये भी दे दिए। इसी सौदेबाजी के बहाने आगे की मुलाकात तय की गई।
24 फरवरी 2026 को महिला ने प्रॉपर्टी दिखाने के बहाने पीड़ित को जिगर कॉलोनी, चक्कर की मिलक इलाके में बुलाया। जैसे ही पीड़ित वहां पहुंचा, पहले से मौजूद निशा, मुस्कान, अमन, जावेद और वसीम ने उसे घेर लिया। आरोप है कि सभी ने मिलकर उसके साथ मारपीट की और जबरन उसे एक कमरे में ले गए, जहां उसके साथ अश्लील हरकतें की गईं।
पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने इस दौरान उसके अश्लील वीडियो और फोटो बना लिए। इसके बाद उससे तीन लाख रुपये की मांग की गई। गिरोह ने धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जाएंगी, जिससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा पूरी तरह खत्म हो जाएगी। डर और मानसिक दबाव के चलते पीड़ित पूरी तरह टूट गया।
ब्लैकमेलिंग के दबाव में आकर पीड़ित से तुरंत ऑनलाइन 9,500 रुपये और 400 रुपये ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद आरोपियों ने उस पर रिश्तेदारों से पैसे मंगवाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़ित के अनुसार गिरोह का मकसद लगातार डर दिखाकर उससे बड़ी रकम ऐंठना था, ताकि वह विरोध या शिकायत करने की हिम्मत न कर सके।
पीड़ित पक्ष का दावा है कि यह कोई एकतरफा घटना नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह का काम है, जो इस तरह लोगों को फंसाकर पहले मारपीट करता है, फिर आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता है। ऐसे मामलों में शिकार बने लोग बदनामी के डर से अक्सर सामने नहीं आ पाते, जिससे आरोपियों के हौसले और बुलंद हो जाते हैं।
सिविल लाइंस थाना प्रभारी के मुताबिक मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और रिपोर्ट के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है और डिजिटल ट्रांजैक्शन व वीडियो से जुड़े साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।