Moradabad News: नोएडा में ठंड से बचने के लिए कमरे में जलायी गई अंगीठी से निकली जहरीली गैस के कारण मुरादाबाद के महमूदपुर माफी गांव के दो भाई साहिल और फुरकान की दम घुटने से मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
Brothers Gas Death Noida Moradabad: मुरादाबाद के मैनाठेर थाना क्षेत्र के गांव महमूदपुर माफी में उस समय मातम छा गया, जब नोएडा से दो युवकों के शव गांव पहुंचे। साहिल और फुरकान, जो रिश्ते में चचेरे-तहेरे भाई थे, कुछ दिन पहले ही रोज़गार की तलाश में नोएडा गए थे। शनिवार रात जैसे ही दोनों के जनाजे एक साथ गांव की गलियों से गुजरे, हर आंख नम हो गई। परिजन बदहवास नजर आए और पूरे गांव में शोक का माहौल फैल गया।
ग्रामीणों के अनुसार साहिल और फुरकान दोनों ही पेशे से कारपेंटर थे और नोएडा के परी चौक इलाके में रहकर काम कर रहे थे। करीब पांच दिन पहले ही वे घर से निकले थे, ताकि परिवार की आर्थिक मदद कर सकें। गांव में दोनों को मेहनती और मिलनसार युवक के रूप में जाना जाता था। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
शुक्रवार रात नोएडा में बारिश के कारण मौसम अचानक ठंडा हो गया था। ठंड से बचने के लिए दोनों भाइयों ने अपने कमरे में अंगीठी सुलगा ली और दरवाजे-खिड़कियां बंद कर सो गए। रात भर अंगीठी से निकलने वाली जहरीली गैस कमरे में भरती रही। ऑक्सीजन की कमी के कारण दोनों बेहोश हो गए और दम घुटने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
शनिवार को जब यह खबर गांव पहुंची तो परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजन तुरंत नोएडा रवाना हुए और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शवों को गांव लेकर आए। देर रात जैसे ही दोनों शव घर पहुंचे, घर में चीख-पुकार मच गई। मां-बाप और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल था, जिसे देखकर गांव के लोग भी खुद को संभाल नहीं पाए।
कुछ देर तक शवों को घर पर रखा गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसके बाद दोनों के जनाजे एक साथ उठे। गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा और लोग नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देते रहे। देर रात दोनों को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
इस दर्दनाक घटना के बाद गांव के बुजुर्गों और स्थानीय लोगों ने ठंड के मौसम में अंगीठी और हीटर के इस्तेमाल को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बंद कमरे में आग या धुएं वाले साधनों का इस्तेमाल जानलेवा साबित हो सकता है। प्रशासन से भी लोगों को जागरूक करने की मांग की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।