मुरादाबाद

नवरात्रि पर नॉनवेज दुकानों को बंद करने का मुद्दा गरमाया, सपा नेता ने उठाए सवाल

Moradabad News: मुरादाबाद में नवरात्रि के दौरान नॉनवेज दुकानों को बंद करने के मुद्दे पर सपा नेता एसटी हसन ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जहां मंदिर नहीं हैं, वहां दुकानों को बंद करने का क्या औचित्य है। साथ ही, उन्होंने शराब की दुकानों पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बात कही।
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नवरात्रि पर नॉनवेज दुकानों को बंद करने का मुद्दा गरमाया | Image - X/@IANS

ST Hasan Navratri News: नवरात्रि के दौरान नॉनवेज की दुकानों और होटलों को बंद रखने के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मंदिरों के आसपास और ऐसे रास्तों पर, जहां नॉनवेज की दुकानें होने से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होने की आशंका हो, वहां लोगों की भावनाओं का ध्यान रखना उचित है। हालांकि, उन्होंने उन इलाकों में नॉनवेज की दुकानें बंद करने के औचित्य पर सवाल उठाया, जहां कोई मंदिर या धार्मिक स्थल नहीं है।

धार्मिक भावनाओं का सम्मान

एसटी हसन ने अपने बयान में कहा कि जहां मंदिर हैं और उनके रास्ते में नॉनवेज की दुकानें स्थित हैं, वहां लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखना जायज हो सकता है। उनके मुताबिक, धार्मिक स्थलों के आसपास ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों।

पर्दे के पीछे कारोबार पर क्या बोले?

एसटी हसन ने कहा कि अगर कोई दुकानदार पर्दे के अंदर नॉनवेज बना रहा है या बेच रहा है और अपनी रोजी-रोटी कमा रहा है, तो ऐसी स्थिति में दुकान बंद कराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोगों की भावनाओं का सम्मान करने के साथ-साथ रोजी-रोटी कमाने वाले लोगों के हितों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

जहां मंदिर नहीं, वहां बंदी क्यों?

सपा नेता ने उन इलाकों में नॉनवेज होटल और दुकानों को बंद कराने पर सवाल उठाया, जहां कोई मंदिर या पूजा स्थल नहीं है। उन्होंने कहा कि जब किसी क्षेत्र में मंदिर या धार्मिक स्थल मौजूद ही नहीं है, तो वहां नॉनवेज की दुकानें बंद करने का क्या औचित्य है? उनके अनुसार, कम से कम ऐसे इलाकों में दुकानों और होटलों को खुला रहने देना चाहिए।

रोजगार और कारोबार का मुद्दा

रोजगार और कारोबार का मुद्दा

एसटी हसन के बयान में धार्मिक भावनाओं के साथ-साथ आजीविका का सवाल भी प्रमुखता से सामने आया। नॉनवेज का कारोबार करने वाले दुकानदारों और होटल संचालकों के लिए दुकानें बंद रहने का असर उनकी रोजाना की कमाई पर पड़ सकता है। ऐसे में उनके बयान का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि प्रतिबंध लगाने के मामले में क्षेत्र की परिस्थितियों और लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

शराब की दुकानों पर भी उठाया सवाल

एसटी हसन ने अपने बयान में शराब की दुकानों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अगर नॉनवेज की दुकानों को बंद किया जा रहा है, तो शराब की दुकानों पर भी पूरी तरह पाबंदी लगाई जानी चाहिए। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने प्रतिबंध लगाने के फैसले को लेकर सवाल खड़े किए और कहा कि ऐसे मामलों में एक समान दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।

बयान से फिर चर्चा में आया मुद्दा

नवरात्रि के दौरान नॉनवेज की दुकानों को बंद रखने का विषय धार्मिक भावनाओं, स्थानीय व्यवस्था और दुकानदारों की आजीविका से जुड़ा हुआ है। एसटी हसन के बयान में इन सभी पहलुओं का जिक्र देखने को मिला। उन्होंने मंदिरों के आसपास लोगों की भावनाओं का सम्मान करने की बात कही, लेकिन उन क्षेत्रों में दुकानें बंद कराने पर सवाल उठाया जहां कोई धार्मिक स्थल नहीं है।

Updated on:
12 Oct 2026 10:44 am
Published on:
12 Oct 2026 10:44 am