Moradabad News: पहलगाम आतंकी हमले के बाद मुरादाबाद में सुरक्षा एजेंसियों ने बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या की तलाश तेज कर दी है। अब तक तीन संदिग्ध घुसपैठिए पकड़े जा चुके हैं और सभी थानों को अलर्ट कर दिया गया है।
Three suspected Bangladeshis arrested in Moradabad: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। मुरादाबाद में भी पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या की तलाश तेज कर दी है। अब तक पुलिस को तीन संदिग्ध घुसपैठिए मिले हैं, जिन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
पहलगाम हमले के बाद मुरादाबाद में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों का सत्यापन किया गया। शहर में कुल 24 पाकिस्तानी मूल के लोग रहते हैं, जिनमें से 22 के पास लॉन्ग टर्म वीजा है, जबकि 2 ने लॉन्ग टर्म वीजा के लिए आवेदन कर रखा है। इनके सत्यापन के बाद अब पुलिस ने बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों पर ध्यान केंद्रित किया है।
मुरादाबाद के मझोला, कटघर और कोतवाली क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पश्चिम बंगाल के लोग रहते हैं, जो स्थानीय फैक्ट्रियों और फर्मों में काम करते हैं। इनमें से कुछ बस्तियां रेलवे स्टेशन के पास भी बसी हुई हैं। पुलिस को आशंका है कि पश्चिम बंगाल के लोगों के बीच बांग्लादेशी घुसपैठिए आसानी से छिप सकते हैं। इसी कारण अब इनकी भी गोपनीय जांच की जा रही है।
जांच के दौरान तीन संदिग्ध घुसपैठिए पकड़े गए हैं, जिनकी गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। पुलिस उनकी पृष्ठभूमि की पूरी जानकारी जुटाने में लगी है। माना जा रहा है कि इनकी पहचान करना आसान नहीं होता क्योंकि भाषा, रहन-सहन और खानपान की समानता के कारण वे स्थानीय लोगों में घुलमिल जाते हैं।
एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि जिले भर के थानों को अलर्ट कर दिया गया है। पुलिसकर्मियों को खास ट्रेनिंग दी गई है ताकि वे बांग्लादेशियों और रोहिंग्या की पहचान सही तरीके से कर सकें। इस ट्रेनिंग में उन्हें भाषा, दस्तावेज जांच और व्यवहारिक विश्लेषण के टिप्स दिए गए हैं।
करीब दो साल पहले भी मुरादाबाद में बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ा गया था। एक महिला अपने बच्चों और भाई के साथ 17 साल पहले बांग्लादेश से आई थी और मेरठ की मीट फैक्ट्री में काम कर रही थी। उसने और उसके परिवार ने फर्जी दस्तावेज बनवाकर भारत में पहचान छिपाई थी। गिरफ्तार होने के बाद पूरे परिवार को जेल भेजा गया था।
म्यांमार के रहने वाले एक रोहिंग्या ने भी खुद को मुरादाबाद का मूल निवासी बताकर फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। उसने पासपोर्ट में अपना नाम मोहम्मद फारूक उर्फ मोहम्मद इस्माइल, पुत्र नुरुल हक दिखाया और खुद को कांठ थाना क्षेत्र के अकबरपुर चंदेरी गांव का निवासी बताया। बाद में इस पर तेलंगाना के राचकोंडा जनपद के बालापुर थाने में केस दर्ज हुआ।