मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां ने अमरोहा में मांगी थी तुर्क बिरादरी से मदद, पंचायत में दिलाया गया समझौते का भरोसा
अमरोहा। भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी हसीन जहां के बीच सुलह कराने के लिए अब एक बिरादरी सामने आई है। मोहम्मद शमी इस तुर्क बिरादरी से संबंध रखते हैं। अमरोहा पहुंचकर पुलिस से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों के चक्कर लगा रही हसीन जहां की जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने अब पंचायत का साथ लेकर घर बचाने की कवायद शुरू की है।
तुर्क बिरादरी से संबंध रखते हैं शमी
अमरोहा के सहसपुर गांव के रहने वाले मोहम्द शमी तुर्क बिरादरी से संबंध रखते हैं। तुर्क बिरादरी में परिवारिक मामलों को ज्यादातर बिरादरी के बुजुर्ग आपसी राय-मशवरा से निपटाने में भरोसा रखते हैं। लिहाजा हसीन भी अब बिरादरी के माध्यम से शमी को अपनी गलती स्वीकार करने और एक साथ करने की कवायद में जुट गई हैं। तुर्क बिरादरी ने भी शमी-हसीन विवाद सुलझाने के लिए हामी भर दी है। इसके बाद संभावना जताई जा रही है कि बिरादरी के कहने पर शमी-हसीन की बातचीत शुरू हो सकेगी।
घर पर लटका हुआ है ताला
तीन दिन से अमरोहा आकर रह रहीं हसीन के ससुराल में अब भी ताला लटका हुआ है, जिसके चलते हसीन अमरोहा में तुर्क बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले नेता के घर ठहरी हैं। मंगलवार देर शाम तुर्क बिरादरी के सामने आने के बाद बुजुर्गों ने पंचायत कर हसीन का पक्ष जाना और समझौते को लेकर बातचीत की। जोया स्थित जामा मस्जिद मोहल्ले में तुर्क बिरादरी के एक नेता के घर आयोजित इस पंचायत में हसीन जहां पूरे वक्त मौजूद रहीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस पंचायत में शमी के कुछ रिश्तेदार भी मौजूद रहे।
पंचायत में जाना हसीन का पक्ष
तुर्क बिरादरी के 100 से ज्यादा लोगों की मौजूदगी में हुई पंचायत में हसीन का पक्ष जानने के बाद अब मोहम्मद शमी का पक्ष लेने पर चर्चा हुई। इसमें मौजूद लोगों द्वारा शमी से बातचीत करने के लिए पांच लोगों की एक कमेटी बनाई गई है, जो शमी से बातचीत करने के बाद बिरादरी को अवगत कराएगी। उसके बाद शमी व हसीन को एक साथ बैठाकर समझौते का मसौदा तैयार किया जाएगा।
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शमी ने दिया था ग्रीन सिग्नल
जोया नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन यामीन के भाई शमीम के घर रुकी हसीन इस पंचायत के बाद मीडिया के सामने तो नहीं आईं, लेकिन माना जा रहा है कि बिरादरी की इस पंचायत को शमी ने भी ग्रीन सिग्नल दिया था। इसके बाद यह पंचायत शमीम के घर पर आयोजित हुई। तुर्क बिरादरी की पंचायतों का बिरादरी में सम्मान किया जाता है और ज्यादतर मामलों में पंचायत ही सुलह समझौते कराती है। ऐसे में हर कोई उम्मीद जता रहा है कि शायद जल्द ही शमी और हसीन के बीच की दूरियां खत्म हो जाएं और दोनों एक साथ रहने लगें।