UP Temperature: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जहां अप्रैल में ही तापमान 40-42 डिग्री के पार पहुंच गया है। मुरादाबाद और संभल समेत कई जिलों में हीट वेव का खतरा बढ़ने के साथ प्रशासन अलर्ट पर है।
UP Heatwave 2026: उत्तर प्रदेश में इस बार गर्मी का तेवर कुछ अलग ही नजर आ रहा है। मुरादाबाद जिले में जहां आमतौर पर मई-जून में तापमान 40-45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है, वहीं इस बार अप्रैल में ही पारा 40 के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे कई वर्षों का रिकॉर्ड टूटने की आशंका जताई जा रही है। लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू कर दिया है और दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है।
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी सिटी हीट एक्शन प्लान 2026 में मई और जून को सबसे गर्म महीना माना गया है, लेकिन इस बार अप्रैल में ही हालात गंभीर होते नजर आ रहे हैं। जिला प्रशासन ने इसे देखते हुए सभी विभागों और तहसीलों को अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों के निर्देश पर लू से बचाव के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन ने विभागों के बीच समन्वय बढ़ाकर राहत कार्यों और जनजागरूकता अभियान पर जोर दिया है, ताकि भीषण गर्मी के प्रभाव को कम किया जा सके।
प्रशासन ने लोगों को गर्मी से बचने के लिए कई जरूरी सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि घरों को ठंडा रखने के लिए पर्दों और दरवाजों का सही उपयोग करें और शाम-रात के समय घर को खुला रखें ताकि ठंडी हवा अंदर आ सके। साथ ही, बाहर काम करने वाले लोगों को सीधी धूप से बचना चाहिए और भारी काम ठंडे समय में करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि उन पर गर्मी का प्रभाव अधिक पड़ता है।
संभल जिले में भी गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बुधवार को यहां का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जो इस महीने का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। सुबह 8 बजे 34 डिग्री से शुरू हुआ तापमान दोपहर तक तेजी से बढ़ते हुए 42 डिग्री तक पहुंच गया। गर्म हवाएं करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। वहीं, वायु गुणवत्ता सूचकांक 175 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है।
भीषण गर्मी का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर भी साफ दिखाई देने लगा है। जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और निजी क्लीनिकों में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। दोपहर के समय लू के चलते लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी में शरीर जल्दी डिहाइड्रेट होता है और संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है, इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है।
डॉक्टरों ने लोगों को विशेष रूप से खानपान को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि गर्मी में रखा हुआ या बासी खाना खाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह जल्दी खराब हो जाता है और पेट संबंधी बीमारियों का कारण बन सकता है। इसके अलावा, बाहर निकलते समय हल्के और सूती कपड़े पहनने, सिर को ढकने और अधिक से अधिक पानी पीने की सलाह दी गई है, ताकि शरीर को गर्मी के प्रभाव से बचाया जा सके।