UP Rains: उत्तर प्रदेश में 25 अप्रैल तक भीषण गर्मी और लू का कहर जारी रहेगा, लेकिन 26 अप्रैल से मौसम में बदलाव के संकेत हैं। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कई जिलों में हल्की बारिश और आंधी की संभावना है।
UP Rains Alert:उत्तर प्रदेश में इस समय भीषण गर्मी और लू का असर लोगों को बेहाल कर रहा है। तापमान लगातार ऊंचा बना हुआ है और दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ऐसे में मौसम विभाग की ओर से आई नई अपडेट लोगों के लिए कुछ राहत की उम्मीद लेकर आई है। फिलहाल अगले कुछ दिन गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा, लेकिन महीने के अंत तक मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 25 अप्रैल तक प्रदेश के कई हिस्सों में लू का असर बना रहेगा। मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों में फिलहाल लू की स्थिति गंभीर है और आने वाले दिनों में इसका प्रभाव और बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि महाराष्ट्र के पास बने प्रतिचक्रवात और शुष्क हवाओं के कारण तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे दोपहर के समय गर्मी और अधिक खतरनाक हो जाएगी।
आज और कल के दिनों में तापमान में वृद्धि दर्ज की जा सकती है। इससे न केवल आम लोगों को परेशानी होगी, बल्कि बुजुर्गों और बच्चों के लिए भी स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें। तेज धूप और गर्म हवाएं शरीर को तेजी से डिहाइड्रेट कर सकती हैं।
गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर यह है कि 26 अप्रैल से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके असर से प्रदेश में बादलों की आवाजाही शुरू होगी और मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिलेगा। 27 अप्रैल के आसपास तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है, जिससे लू की तीव्रता में कमी आएगी।
मौसम विभाग के अनुसार 26 अप्रैल को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदलेगा। सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), बुलंदशहर, बिजनौर, मुरादाबाद और रामपुर में धूलभरी आंधी के साथ हल्की बारिश (UP Rains) या बूंदाबांदी हो सकती है। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
हालांकि बारिश (UP Rains) और बादलों की वजह से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी, लेकिन तापमान सामान्य से ऊपर ही बना रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव अस्थायी हो सकता है और मई महीने में फिर से गर्मी का असर बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है।