
Morena news: सावन सोमवार को घर के बाहर बच्चों के साथ खेलते समय चार वर्षीय मासूम अंशिका दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई। मंगलवार को स्थानीय लोगों में हादसे को लेकर नाराजगी और बढ़ गई है। उनका कहना था कि यदि पहले ही सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए गए होते तो हादसा नहीं होता। वार्ड पार्षद डेविड ने बताया कि अंशिका अपने पिता धर्मेंद्र वाल्मीक की इकलौती बेटी थी। परिवार के लोगों का कहना है कि अब वे किसको टॉफी खिलाएंगे। परिवार में उससे छोटा एक भाई है, जो अंशिका की मौत के बाद से लगातार रो रहा है। परिवार वालों ने नगर निगम से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित सहायता देने की मांग की है।
एमपी के मुरैना मेंकोतवाली थाना क्षेत्र की सिंगल बस्ती में एक दर्दनाक हादसे में चार वर्षीय मासूम अंशिका की सीवर लाइन के भारी पाइप के नीचे दबने से मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब वह घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। जानकारी के अनुसार सुबह करीब 8.30 बजे सड़क किनारे रखा सीवर लाइन का भारी पाइप अचानक लुढ़ककर अंशिका के ऊपर आ गिरा।
आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उसे निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। नगर निगम आयुक्त सत्येंद्र सिंह धाकरे ने कहा कि घटना अत्यंत दुखद है। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इंजीनियरों की टीम मौके पर पहुंचकर सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यदि जांच में ठेकेदार या किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आरोप लगाया कि सीवर लाइन का मृतका के चाचा विजय वाल्मीक ने पाइप पिछले करीब छह माह से घर के बाहर असुरक्षित तरीके से रखा हुआ था। इसे हटाने के लिए कई बार ठेकेदार और नगर निगम अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि समय रहते पाइप हटाया जाता तो मासूम की जान बच सकती थी।
घटना के बाद पाइप दोबारा न लुढ़के, इसके लिए उसके आगे पत्थर लगाए गए। आसपास के लोगों का कहना है कि बार-बार इसकी शिकायत की गई लेकिन किसी ने ध्यान ही नहीं दिया। जिस जगह पाइप रखा था, वहां रोज बच्चे खेलते थे और कभी भी हादसा हो सकता था। बच्ची की मौत के बाद अब शायद प्रशासन जाग जाए।