
Child kidnapping in Morena: एमपी के मुरैना शहर में रेनबो स्कूल से तीन वर्षीय मासूम कार्तिकेय उर्फ चीकू को दिनदहाड़े स्कूटी सवार दो युवकों द्वारा ले जाने की घटना ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी। शुरुआती दौर में इसे अपहरण माना गया, लेकिन मासूम कार्तिकेय उर्फ चीकू की पूछताछ में मामले ने नया मोड़ ले लिया। पुलिस के अनुसार बच्चे की मां ईशू यादव और नानी ममता यादव ने शुरुआती जानकारी में गुमराह किया।
पूछताछ में सामने आया कि बच्चे को कथित तौर पर ईशु के पति नीलेश राजपूत का ड्राइवर लेकर गया है और बच्चे के राजस्थान के पाली में होने की आशंका है। पुलिस ने तत्काल एक विशेष टीम पाली रवाना कर स्थानीय पुलिस को भी सूचना दे दी है। वही ईशू की ससुराल भी पाली में है।
गायत्री कॉलोनी के रेनबो स्कूल में मंगलवार दोपहर 12.40 बजे प्लेग्रुप के छात्र तीन वर्षीय कार्तिकेय उर्फ चीकू राजपूत को छुट्टी के तुरंत बाद स्कूटी सवार दो युवक अपने साथ ले गए। पूरी घटना स्कूल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना सामने आते ही शहर में अपहरण की चर्चा फैल गई और पुलिस ने जिलेभर में नाकेबंदी कर साइबर सेल के साथ जांच शुरू कर दी। बच्चे की मां ईशू यादव, नानी ममता यादव और रिश्ते में मामा सत्या ने शुरुआत में पुलिस को बताया कि मासूम का अपहरण कर लिया गया है।
सत्या ने आरोप लगाया कि ईशू और उसके पति नीलेश राजपूत के बीच पिछले छह माह से विवाद चल रहा है तथा नीलेश पहले भी बेटे को अपने साथ ले जाने की धमकी देता रहा है। उनका दावा था कि बच्चे की पहले से रेकी कराई जा रही थी और उसे ले जाने वाले दोनों युवक बच्चे के दोनों नाम कार्तिकेय और चीकू जानते थे। हालांकि शाम 5.19 बजे कोतवाली पुलिस ने ईशू यादव, उसकी मां ममता यादव और रिश्तेदार सत्या को रेनबो स्कूल से अपने साथ थाने ले जाकर कड़ी पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए, जिससे अपहरण की कहानी पर सवाल खड़े हो गए।
एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि ईशू और उसकी मां ने पुलिस को गुमराह किया। जानकारी मिली कि इसी वर्ष जनवरी-फरवरी में भी ईशु का पति अपने बेटे को मुंबई ले गया था। पुलिस अब पूरे घटना की कड़ियां जोडकर जांच कर रही है। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि बच्चे को लेने आए लोग मुरैना में एक रिश्तेदार की स्कूटी लेकर स्कूल पहुंचे थे। वहीं स्कूल संचालक नीरज शिवहरे ने बताया कि बच्चे के एडमिशन फॉर्म में सत्या का मोबाइल नंबर दर्ज था। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चे को लेने आए युवक ने कार्तिकेय और चीकू दोनों नाम बताए थे।
बच्चा भी उसे पहचानता हुआ प्रतीत हुआ और बिना विरोध उसके साथ चला गया, इसलिए स्कूल स्टाफ को किसी अनहोनी का संदेह नहीं हुआ। स्कूल संचालक ने यह भी बताया कि घटना के बाद ईशू यादव लगातार फोन पर कहती रही कि वह दिल्ली से मुरैना आ रही है, जबकि जांच में पता चला कि वह आगरा से ट्रेन के जरिए मुरैना पहुंची थी। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि गलत जानकारी क्यों दी गई।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बच्चे को ईशू के पति का ड्राइवर लेकर गया है। ईशू की ससुराल राजस्थान के पाली में है और बच्चे के वहां होने की संभावना के आधार पर तत्काल पुलिस टीम पाली भेजी गई है।- धर्मराज मीना, पुलिस अधीक्षक