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एमपी में रेत माफियाओं पर अब हाईटेक नकेल, घाटों की निगरानी करेगा AI, चेकपोस्ट पर CCTV

Chambal Sand Mafia : चंबल के अंतर्गत आने वाले राजघाट और रिठौरा-टीकरी यानी दो बड़े घाटों पर एआई तकनीक से लैस कैमके स्थापित किए जाएंगे। ये कैमरे पांच किलोमीटर स्क्वायर में देखने के सक्षम होंगे। वहीं, 16 चेकपोस्ट पर सीसीटीवी कैमरे भी लगेंगे।
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Chambal Sand Mafia

Chambal Sand Mafia (रेत माफियाओं पर अब हाईटेक नकेल Photo Source- Patrika)

Morena News : मध्य प्रदेश के चंबल क्षेत्र में विशेषकर मुरैना में सक्रिय रेत माफियाओं पर नकेल कसने के लिए वन विभाग ने सीसीटीवी और एआइ कैमरों के माध्यम से हाईटेक निगरानी व्यवस्था शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत जिलेभर के 16 वन चेकपोस्ट पर भवन निर्माण कराया जा रहा है और जल्द ही वहां सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी की जा रही है। वहीं चंबल के अंतर्गत आने वाले राजघाट और रिठौरा-टीकरी घाट पर एआई तकनीक से लैस कैमरे स्थापित होंगे। ये कैमरे पांच किलोमीटर तक की दूरी में निगरानी करने में सक्षम होंगे। बता दें कि, इन दोनों ही घाटों पर पर 7 जुलाई यानी मंगलवार से एआई कैमरे स्थापित करने शुरु हो जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद शुरू की गई इस कार्रवाई को अवैध खनन के खिलाफ बड़ी पहल माना जा रहा है। जिलेभर की 16 वन चेकपोस्ट और बैरियरों को आधुनिक निगरानी तंत्र से जोड़ा जा रहा है। इन सभी चेकपोस्टों पर वन अमले के रहने के लिए भवनों का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि इन चेक पोस्टों पर चौबीसों घंटे निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। प्रत्येक चेक पोस्ट पर चार - चार वनकर्मियों की तैनाती की जाएगी।

यहां हो रही सीसीटीवी कैमरों से निगरानी

वन विभाग ने निगरानी के लिए अल्लाबेली चेकपोस्ट पर सीसीटीवी लगा दिए हैं। इसके अलावा गुड़ा चंबल, सुनेहरा, बड़ागांव तिराहा, नगरा और हाईवे स्थित वन विभाग के डिपो पर सीसीटीवी स्थापित कर दिए हैं। इन कैमरों से गुजरने वाले वाहन की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए डीएफओ कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जहां इन कैमरों को जोड़ा गया है, ताकि अवैध रेत परिवहन पर 24 घंटे निगरानी की जा सके।

एआई तकनीक का इस्तेमाल

निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए वन विभाग एआई तकनीक का भी इस्तेमाल करेगा। राजघाट पुल पर राजस्थान वन विभाग और एनएचएआई के सहयोग से अत्याधुनिक एआइ कैमरे लगाए जाएंगे। वहीं रिठौरा - टीकरी घाट पर वन विभाग अपने स्तर पर एआइ कैमरे स्थापित करेगा। अधिकारियों के अनुसार, इन कैमरों की निगरानी क्षमता पांच किलोमीटर तक होगी। कैमरे चारों दिशाओं में गतिविधियों पर नजर रखेंगे, साथ ही संदिग्ध वाहनों की पहचान कर उनकी जानकारी सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंचाएंगे।

एक महीने में शुरु होंगे सभी चेकपोस्ट

चंबल अभयारण्य (घडिय़ाल सेंचुरी) के अधीक्षक श्याम सिंह चौहान ने बताया कि, जिले की 16 चेकपोस्ट पर रेत माफिया की निगरानी के लिए भवन निर्माण करा रहे हैं। एक महीने में सभी चेकपोस्ट शुरू कर दिए जाएंगे। वहीं, 7 जुलाई से राजघाट पुल रिठौरा - टीकरी घाट पर एआई कैमरों की स्थापना शुरू की जाएगी।