
Women High Voltage Drama- मध्य प्रदेश के मुरैना में दो महिलाओं का हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जिसे देख सभी हैरान रह गए। कलेक्ट्रेट (Collectorate) में आयोजित जनसुनवाई हंगामेदार माहौल के बीच संपन्न हुई। दो महिलाओं के हाई वोल्टेज ड्रामा के बीच नागिन डांस (Nagin Dance) भी किया। साथ ही मां काली आने की एक्टिंग करती दिखाई दी। हालांकि महिला पुलिस के जवानों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। लेकिन आधे घंटे तक दोनों महिलाएं हंगामा करती रही। दोनों महिलाओं का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय लोगों की भीड़ जुट गई, जब दो महिलाओं ने जनसुनवाई के दौरान कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर हंगामा करना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में एक महिला कभी भजन गाती तो कभी नागिन की तरह अभिनय करती नजर आई। महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों ने काफी देर तक समझाइश देकर दोनों महिलाओं को शांत कराया। महिलाएं क्या समस्या लेकर आई थी। यह अंत तक स्पष्ट नहीं हो सका।
इसी बीच जनसुनवाई में अतरसूमा स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना कॉलोनी के रहवासियों ने मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर शिकायती आवेदन दिया। रहवासियों ने बताया कि करीब 1100 आवासों वाली कॉलोनी में लगभग 400 परिवार रह रहे हैं, लेकिन आज तक नियमित पेयजल आपूर्ति, पर्याप्त बिजली, नालियां, सफाई कर्मचारी और कचरा वाहन जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। बिजली के लो-वोल्टेज के कारण पानी की आपूर्ति भी प्रभावित रहती है, जबकि कॉलोनी की स्ट्रीट लाइटें भी लंबे समय से बंद पड़ी है। रहवासियों का कहना है कि नगर निगम आयुक्त से कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उधर गोपीनाथ की पुलिया निवासी विपिन बंसल ने जनसुनवाई में शिकायत करते हुए कहा कि वर्ष 2020 में उपेंद्र दुबे ने होम लोन दिलाने का झांसा देकर तीन लाख रुपए नकद और जरूरी दस्तावेज ले लिए। बाद में बैंक से मिली जानकारी में पता चला कि उनके नाम पर 9.90 लाख रुपये का होम लोन स्वीकृत कर राशि निकाल ली गई। उन्होंने बैंक प्रबंधन से मिलीभगत कर फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सबलगढ़ तहसील के ग्राम देवपुर पूंछरी के मुन्नालाल, ओमवती, सीता और मिथलेश ने भी आवेदन देकर आरोप लगाया कि वे 50 से 55 वर्षों से शासकीय भूमि पर बनी पुश्तैनी झोपड़ियों में रह रहे हैं, लेकिन अब उन्हें हटाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सरपंच पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और संरक्षण की मांग की।