
अशोक शर्मा
प्रदेश के उन चंद जिलों में शुमार मुरैना, जिनमें वर्ष 2018 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का वर्चस्व रहा था। इस बार मतदाता क्या सोच रहा है, पांच साल में उसकी जिंदगी कितनी सुगम हुई और क्षेत्र की जनता के मन में क्या चल रहा है, जिले की अंबाह और सुमावली सीट के लिए उनके मन को टटोलने मोटर साइकिल पर निकला। जिला मुख्यालय से अंबाह तक पहुंचना आसान नहीं रहा। अंबाह के पोरसा मुख्यालय तक पहुंचने के लिए 101 किलोमीटर लंबी दूरी तय करनी पड़ी। समझ आया कि क्षेत्र के लोगों को अपना काम और समस्याओं के निराकरण की गुहार लगाने के लिए कितना दूर आना पड़ता है। इतनी दूरी तय कर पोरसा मुख्यालय की जोंटई पंचायत के नाहर पुरा गांव में पहुंचा। परिचय देकर यहां चारपाई पर बैठे लोगों से बातचीत शुरू की।
मुद्दा रहा पांच साल में क्या विकास हुआ और लोगों की जिंदगी कितनी सुगम हुई? चारपाई पर बैठे विजय सिंह बोले, गर्मी शुरू हो गई है। इसके साथ ही पानी की किल्लत शुरू होने लगी है। गर्मी में जल स्तर गिर जाता है, इसलिए पेयजल की गंभीर समस्या रहती है। वहीं बैठे रामलक्ष्मण सिंह ने मतदान की बाधाओं का जिक्र किया और बोले कि पोलिंग दूर होने पर बुजुर्ग व महिला मतदान नहीं कर पाते हैं। गांव के पे्रम सिह ने बताया कि पोरसा जाने के लिए कोई वाहन सुविधा नहीं है। निजी वाहन या ई रिक्शा से जाना पड़ता है।
ओलावृष्टि में धेले की मदद नहीं
यहां से चलकर मैं रछेड़ पहुंचे। यहां सड़क किनारे खड़े मिले प्रदुम्न सिंह तोमर बोले- यहां ओलावृष्टि हुई, अधिकारी भी आए, सर्वे कराया, लेकिन मदद के नाम पर एक धेला भी नहीं मिला है। अंबाह रोड पर बडफ़रा गांव में एक मैरिज गार्डन में दस्तक दी। शादी की तैयारियों पर चर्चा कर रहे एक समूह के बीच विकास की बात रखी तो राजकुमार पाठक बोले, विकास तो छोडि़ए, पांच साल में बडफ़रा गांव की मुख्य सड़क को पानी के भराव से मुक्त नहीं करवा पाए। इस सड़क पर आज भी पानी भरा हुआ है और लोगों का मुंह चिढ़ा रहा है।
गोवंश की बेकद्री
कल्लू पाठक ने गोवंश की बेकद्री और इससे आम लोगों के नुकसान की बात निकाली। उन्होंने कहा कि गोवंश फसल चौपट कर रहा है। गोशाला है, लेकिन उसमें गोवंश नहीं रहता। जब तक गोवंश की व्यवस्था नहीं होती, विकास की बात करना भी बेईमानी होगा। इसके बाद मैं उसैदघाट रोड की ओर बढ़ा, तो वहां कुछ लोग ताश खेलते मिल गए। विकास के बारे में पूछने पर इनमें से एक राजेश सिंह तोमर बोले, कुछ नहीं हुआ है। अंबाह उसैदघाट रोड चौराहे पर शौचालय तक नहीं हैं। जगदीश सिह बोले उसैदघाट रोड पर पुल का निर्माण नहीं हो पा रहा है, इसके चलते विकास प्रभावित हो रहा है।
दो साल पहले हाइवे बनकर तैयार, अभी तक नहीं बना पुल
अंबाह विधानसभा क्षेत्र की तस्वीर आंखों में कैद कर सुमावली विधानसभा क्षेत्र की ओर बढ़ा। महाराजपुर, सुमावली होते हुए कीरतपुर गांव पहुंचा। यहां सड़क किनारे खड़े रामकुमार पाराशर ने कहा, दो साल पहले टेकरी से छैरा तक बीस किमी दूरी तक हाइवे बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन जरैना का पुल नही बनने से यातायात प्रभावित हो रहा है। उनके साथी राकेश कुमार शर्मा बोले, गांव में अंधा मोड़ होने से आए दिन दुर्घटना हो रही हैं। मोड़ को सीधा किया जाए या फिर ब्रेकर बनाए जाएं। भोलू शर्मा बोले, दो साल पूर्व सुमावली में उप तहसील भवन बनकर तैयार हो गया है, परंतु अधिकारी नहीं बैठते। इससे किसानों को राजस्व कार्य के लिए 20 किमी दूर जौरा जाना पड़ता है। मदनलाल शर्मा ने बताया कि दो साल पूर्व नल तो लगे लेकिन जल की व्यवस्था अभी तक नहीं हो सकी है। रास्ते में वापसी पर महाराजपुर के अशोक किरार ने कहा कि महाराजपुर सुमावली मार्ग पिछले पांच साल से जर्जर हालत में पड़ा है, इसका निर्माण नहीं हो सका है।
ग्राउंड रिपोर्ट
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