मुंबई

7 साल की मासूम पर टूट पड़ा 45 वर्षीय मजदूर, रोते हुए घर भागी बच्ची, माता-पिता से बताई आपबीती

Thane Crime News: महाराष्ट्र के ठाणे में एक सात साल की मासूम को हवस का शिकार बनाया गया। वारदात के बाद इलाके में आक्रोश है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।

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Apr 07, 2026
फोटो पत्रिका

Thane Child Rape Case: महाराष्ट्र के ठाणे में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक कंस्ट्रक्शन साइट पर 7 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी मजदूर को कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। इस बात की जानकारी पुलिस अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी।

पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान 45 वर्षीय एक मजदूर के रूप में हुई है, जो उसी साइट पर काम करता था। विडंबना यह है कि पीड़ित मासूम बच्ची के माता-पिता भी उसी निर्माण स्थल पर दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। चूंकि आरोपी और पीड़ित परिवार एक ही जगह काम करते थे, इसलिए उनके बीच पहले से जान-पहचान थी। इसी जान-पहचान का फायदा उठाकर आरोपी ने बच्ची का भरोसा जीता और सोमवार की शाम जब मौका मिला, तो उसने इस शर्मनाक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया कि जान-पहचान होने के कारण बच्ची को आरोपी की मंशा पर संदेह नहीं हुआ।

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रोते-रोते बच्ची ने बताई मां-पिता को आपबीती

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी मजदूर बच्ची को बहाने से एक तरफ ले गया, जहां उसने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। घटना के बाद डरी-सहमी बच्ची ने अपने माता-पिता को पूरी बात बताई। बच्ची की आपबीती सुनते ही परिजन तुरंत पुलिस के पास पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

आरोपी मजदूर को पुलिस ने दबोच लिया

सूचना मिलते ही पुलिस विभाग ने तत्परता दिखाते हुए एक विशेष टीम का गठन किया और घेराबंदी कर आरोपी मजदूर को फरार होने से पहले ही चंद घंटों के भीतर दबोच लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता BNS की धारा 64(1) और धारा 65(2) के तहत मामला दर्ज किया है, जो विशेष रूप से 12 वर्ष से कम आयु की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के लिए मृत्युदंड या कठोर आजीवन कारावास जैसे कड़े दंड का प्रावधान करती है। इसके साथ ही, इस केस में पॉक्सो POCSO अधिनियम की प्रासंगिक धाराएं भी जोड़ी गई हैं ताकि कानूनी प्रक्रिया को अधिक सशक्त बनाया जा सके। वर्तमान में पुलिस बच्ची का मेडिकल परीक्षण करवाने और घटनास्थल से फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने में लगी है, ताकि एक मजबूत चार्जशीट तैयार कर फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।

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