मुंबई

‘धमकी मिली, खाना-पीना तक छूट गया…’: अभिजीत दीपके की घर वापसी पर छलका पिता का दर्द, बोले- नौकरी कुर्बान कर दी

Abhijeet Dipke: CJP संस्थापक अभिजीत दीपके की घर वापसी पर उनके पिता भगवानराव दीपके ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि बेटे को बीजेपी में शामिल नहीं होने पर परिवार को धमकी मिली थी। उन्होंने कहा कि परिवार के लिए बीते 45 दिन बेहद कठिन बीते।
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Updated: 30 Jul 2026, 10:43 AM IST
Abhijeet Dipke not join politics
अभिजीत दीपके को सादगी पसंद है- पिता भगवानराव बोले (Photo: IANS)

Abhijeet Dipke Threat: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके दिल्ली के जंतर-मंतर पर 37 दिनों तक चले लंबे आंदोलन के बाद अपने गृह नगर छत्रपति संभाजीनगर लौट आए हैं। बुधवार शाम में अभिजीत के घर लौटने पर उनके परिवार की भावनाएं छलक पड़ीं। अभिजीत के पिता भगवान दीपके ने दावा किया कि आंदोलन के दौरान उनके बेटे को भाजपा (BJP) में शामिल होने का दबाव बनाया गया और परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। उन्होंने पिछले डेढ़ महीने के दौरान परिवार द्वारा सहे गए मानसिक तनाव और डर का खुलासा किया।

न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में भगवानराव दीपके ने कहा कि परिवार ने एक धमकी भरा वीडियो यूट्यूब पर देखा था। उन्होंने कहा, "वीडियो में कहा गया था कि अगर अभिजीत भाजपा में शामिल नहीं हुआ तो हमें पता है कि उसके माता-पिता कहां रहते हैं और हम उनसे निपट लेंगे।"

'45 दिन बेहद मुश्किल रहे, न किसी से बात, न ठीक से खाना-पीना'

भगवानराव दीपके ने बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके की अगुवाई में चल रहे आंदोलन के दौरान पूरा परिवार लगातार चिंता में डूबा रहा।

उन्होंने कहा, "पिछले 40-45 दिन हमारे लिए बेहद कठिन रहे। हम न ठीक से खाना खा पाए और न ही किसी से ढंग से बात कर पाए। वह देश के लिए अपनी नौकरी तक छोड़कर आंदोलन कर रहा था।"

अभिजीत दीपके को सादा जीवन पसंद है- पिता

आंदोलन की सफलता और अभिजीत की घर वापसी के बाद उनके परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। हालांकि उनके पिता ने बताया कि स्वागत समारोह को जानबूझकर सादा रखा गया क्योंकि अभिजीत को दिखावा या प्रचार पसंद नहीं है।

भगवानराव दीपके ने कहा, "उसे ज्यादा प्रचार-प्रसार पसंद नहीं है। पहले भी जब वह गांव आया था, तब उसने किसी तरह के बड़े आयोजन के लिए मना किया था। वह हमेशा सादगी से रहना पसंद करता है।"

'अब चैन की नींद सोना चाहता हूं'

घर लौटने के बाद अभिजीत दीपके ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद अपने घर लौटकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने कहा, "मैं 37 दिनों तक जंतर-मंतर पर रहा। इतने लंबे संघर्ष के बाद घर लौटकर बहुत अच्छा लग रहा है। अब आखिरकार मैं चैन की नींद सो सकूंगा और सामान्य जीवन में लौटना चाहता हूं।"

FIR वापस नहीं हुई तो फिर होगा आंदोलन

अभिजीत दीपके ने साफ किया कि यदि आंदोलन के दौरान छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली गई तो उनका संगठन दोबारा आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने कहा, "अगर छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली गई तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा। जरूरत पड़ी तो अगला आंदोलन इससे भी बड़ा होगा।"

नए पेपर लीक कानून पर भी उठाए सवाल

पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत ने कहा कि केवल कानून बनाने से व्यवस्था नहीं बदलेगी। देश में कई सुधार लागू होते हैं, लेकिन जब तक लोगों की नीयत नहीं बदलेगी, तब तक वास्तविक बदलाव संभव नहीं है। पेपर लीक मामलों के लिए गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट की पहली ही सुनवाई भी सीबीआई के वकील नहीं पहुंचे, जिससे सुनवाई टालनी पड़ी।"

Updated on:
30 Jul 2026, 10:43 AM IST
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