
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके (Photo: IANS)
CJP News: नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर आंदोलन करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ सरकार का रवैया बेहद शर्मनाक रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई रोकी नहीं गई और सरकार ने अपना रुख नहीं बदला, तो सीजेपी जल्द ही देशभर में नया आंदोलन शुरू करेगी।
दिल्ली एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में दीपके ने कहा कि छात्र अपने भविष्य और अधिकारों के लिए सड़क पर उतरे थे, लेकिन उनके साथ आतंकियों जैसा व्यवहार किया गया।
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और उनका खून बहाया गया। उन्होंने कहा, "सरकार को यह सब नहीं करना चाहिए था। छात्र अपने भविष्य और अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे थे, कोई मजे करने सड़क पर नहीं उतरा था। उन्हें लाठियों से मारा गया। अगर इतना खून बहाने के बाद भी सरकार का मन नहीं भरा और छात्रों को परेशान करना जारी रखा गया, तो हम बहुत जल्द फिर सड़कों पर उतरेंगे। छात्रों पर ऐसे पैलेट गन चलाई गईं जैसे वे आतंकवादी हों। क्या वे आतंकवादी थे? अमित शाह और नरेंद्र मोदी को इस पर शर्म आनी चाहिए।"
जब दीपके से पूछा गया कि क्या CJP फिर से आंदोलन शुरू करेगी, तो उन्होंने साफ कहा कि यदि सरकार ने अपना रवैया नहीं बदला तो पार्टी जल्द ही देशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने कहा, "अगर सरकार नहीं मानी और अपना तरीका नहीं बदला, तो हमें फिर से आंदोलन करना पड़ेगा और यह बहुत जल्द होगा।"
इससे एक दिन पहले कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने भी केंद्र सरकार को चेतावनी दी थी। उन्होंने दावा किया था कि सरकार ने दिल्ली और अन्य भाजपा तथा एनडीए शासित राज्यों में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने का आश्वासन दिया था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी इस संबंध में कोई लिखित पुष्टि नहीं दी गई। सौरव दास ने कहा कि यदि सरकार लिखित आश्वासन नहीं देती है तो सीजेपी पूरे देश में आंदोलन शुरू करेगी।
सौरव दास ने कहा, "हमने उत्तर प्रदेश, गोवा, राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों के बारे में सरकार के सामने अपनी चिंताएं रखी हैं। ऐसी आशंका है कि प्रदर्शनकारियों को परेशान किया जा रहा है या उन्हें निशाना बनाया जा रहा है, और उनमें से कुछ के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया है। हमने शुरू से ही मांग की थी कि देश भर के सभी प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा दी जाए और उनके खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लिये जाएं। हमें उम्मीद है कि सरकार इस आश्वासन पर अमल करेगी। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हम फिर से सड़कों पर उतरेंगे और इस बार पूरा जवाबदेही लेकर जाएंगे।"
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सुप्रीम कोर्ट ने सीजेपी की अगुवाई में हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार 18 वर्ष से कम उम्र के छात्रों को रिहा करने का निर्देश दिया है, बशर्ते उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड न हो। हालांकि अदालत ने कानून के मुताबिक जांच जारी रखने की अनुमति भी दी है।
Updated on:
29 Jul 2026 02:33 pm
Published on:
29 Jul 2026 01:37 pm
