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Parliament Monsoon Session: पेपर लीक पर संसद में संग्राम: कानून बनाने पर छिड़ी जंग, तो दूसरी तरफ CPM दफ्तर पर पुलिस रेड से उबला विपक्ष

Anti Paper Leak Bill: संसद का मानसून सत्र हंगामे की भेंट चढ़ता दिख रहा है। जहां एक तरफ देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़े एंटी-पेपर लीक बिल पर लोकसभा में जोरदार बहस छिड़ी है, वहीं दिल्ली में सीपीएम कार्यालय पर पुलिस की कार्रवाई से राज्यसभा में सियासी भूचाल आ गया है।
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Parliament Monsoon Session

Pappu Yadav: पप्पू यादव ने NTA पर उठाए गंभीर सवाल, एंटी पेपर लीक बिल पर संसद में गरमाई बहस (फोटो सोर्स:@sansad_tv)

Anti Paper Leak Bill Parliament Debate: संसद के मानसून सत्र में इन दिनों जमकर सियासी तीर चल रहे हैं। देश भर के युवाओं और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से लोकसभा में पेश किए गए 'एंटी-पेपर लीक बिल' (लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण विधेयक) पर चर्चा के दूसरे दिन भी जबरदस्त गर्माहट देखने को मिली। जहां एक तरफ सरकार इसे युवाओं में भरोसा जगाने वाला ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर तीखे सवाल दागे हैं। दूसरी ओर, दिल्ली में सीपीएम दफ्तर पर पुलिस की छापेमारी के मुद्दे ने राज्यसभा में विपक्ष को एकजुट कर सरकार को घेरने का नया हथियार दे दिया है।

"एनटीए के चेयरमैन पर कार्रवाई क्यों नहीं?" पप्पू यादव का सीधा हमला

लोकसभा में चर्चा के दौरान पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने सरकार और एनटीए पर सीधा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि जब करोड़ों युवाओं से फॉर्म के नाम पर अरबों रुपये वसूले जाते हैं, तो गड़बड़ी होने पर जवाबदेही तय क्यों नहीं होती?

पप्पू यादव के तीखे सवाल:

  • "आखिर एनटीए के चेयरमैन को अब तक क्यों नहीं हटाया गया?"
  • "2018 में जिन्हें एनटीए की कमान दी गई, वे मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग में थे- क्या देश में अफसरों की कमी है?"
  • "लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटकाने वाले संजीव मुखिया जैसे आरोपियों पर नकेल कौन कसेगा?"
  • "आरटीआई और ऑडिट के दायरे से एनटीए को दूर रखकर राज्य सरकारों के अधिकारों को छीना जा रहा है।"

वहीं दूसरी तरफ, सुपौल से जेडीयू सांसद दिलेश्वर कामत ने बिल का पक्ष लेते हुए इसे देश के युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बताया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक एनडीए सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जो युवाओं के सुनहरे भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बनाई गई है।

'पेपर लीक पर अब निर्णायक कार्रवाई का वक्त : इंद्रहंग सुब्बा

सिक्किम से सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के सांसद इंद्रहंग सुब्बा ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर लगातार उठ रहे सवाल देश के लाखों युवाओं के विश्वास को कमजोर कर रहे हैं। उनके अनुसार पेपर लीक अब छिटपुट घटनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक संगठित आपराधिक नेटवर्क का रूप ले चुका है, जिसे सख्ती से खत्म करना बेहद जरूरी है।

'छात्रों पर लाठीचार्ज का जवाब दें सरकार'

आरएसपी सांसद एन.के. प्रेमचंद्रन ने छात्र प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज को गंभीर मामला बताते हुए कहा कि गृह मंत्री को संसद में आकर पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत बयान देना चाहिए। उनके अनुसार लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के साथ हुई कार्रवाई पर जवाबदेही तय होना आवश्यक है।

लोकसभा में स्पीकर का सख्त रुख: "आप तय नहीं करेंगे मंत्री कब आएंगे"

सदन में चर्चा के दौरान विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री की मौजूदगी की मांग को लेकर 'गृह मंत्री सदन में आओ' के नारे लगाए। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सख्त रुख अपनाते हुए विपक्षी सदस्यों को चेतावनी दी। स्पीकर ने कहा कि यह तय करना विपक्ष का काम नहीं है कि सदन में किसे आना है और किसे नहीं। जिस मंत्रालय का विधेयक है, उसके मंत्री सदन में मौजूद हैं। लगातार शोर-शराबे को देखते हुए सदन की कार्यवाही को दोपहर तक के लिए स्थगित भी करना पड़ा।

राज्यसभा में सीपीएम दफ्तर पर रेड को लेकर घमासान

सदन के दूसरे छोर यानी राज्यसभा में भी स्थिति अलग नहीं थी। सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास द्वारा दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय पर दिल्ली पुलिस की छापेमारी का मुद्दा उठाए जाने के बाद माहौल गर्मा गया।

मल्लिकार्जुन खड़गे (विपक्ष के नेता): खड़गे ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला करार देते हुए कहा, "किसी राष्ट्रीय पार्टी के दफ्तर में पुलिस घुसकर गिरफ्तारी करे, यह बेहद शर्मनाक है। इसके लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।"

जे.पी. नड्डा (नेता सदन): गृह मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए इसे कानून व्यवस्था से जुड़ी सामान्य प्रक्रिया बताया। नड्डा ने तंज कसते हुए कहा, "इमरजेंसी के दौरान कांग्रेस शासन में एक छात्र कार्यकर्ता के रूप में मैं खुद दो बार जेल गया हूँ। कानून अपना काम करता है और यह एक सामान्य बात है।"

कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी के हमलों और 'गृह मंत्री जवाब दो' के नारों के बीच राज्यसभा की कार्यवाही को भी सभापति को स्थगित करना पड़ा।

क्या है एंटी-पेपर लीक कानून?

देश में नीट (NEET), यूजीसी-नेट (UGC-NET) और विभिन्न राज्यस्तरीय परीक्षाओं में धांधली के बाद सरकार यह कड़ा कानून लेकर आई है।

कड़ी सजा का प्रावधान: इस विधेयक के तहत पेपर लीक या परीक्षा में धांधली में शामिल पाए जाने वाले संगठित गिरोहों के लिए 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

गैर-जमानती अपराध: इस कानून के तहत अपराधों को गैर-जमानती बनाया गया है।

निर्दोष छात्रों को राहत: यह कानून मुख्य रूप से धांधली करने वाले माफियाओं, टेक कंपनियों और कोचिंग सेंटरों की सांठगांठ पर प्रहार करने के लिए बनाया गया है, ताकि किसी निर्दोष परीक्षार्थी को परेशानी न हो।

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