
BJP का नया Gen Z प्लान, Reels और सोशल मीडिया से युवाओं को साधने की कोशिश। (फोटो-AI)
BJP youth connect plan: देश के युवाओं से जुड़ने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना तरीका बदलना शुरू कर दिया है। अब पार्टी सिर्फ बड़ी रैलियों और भाषणों के जरिए संदेश देने के बजाय सोशल मीडिया की भाषा, छोटे वीडियो और युवाओं के पसंदीदा अंदाज का इस्तेमाल कर रही है। इसमें मीम, रील्स, फिल्मी संदर्भ और रोजमर्रा की बातचीत जैसी चीजों को शामिल किया जा रहा है।
यह बदलाव उस समय देखने को मिल रहा है जब 'कॉकroach जनता पार्टी' (CJP) नाम से शुरू हुआ एक ऑनलाइन अभियान युवाओं के बीच काफी चर्चा में आ गया। परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर शुरू हुआ यह अभियान धीरे-धीरे बड़े युवा आंदोलन में बदल गया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया।
CJP की शुरुआत बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़े अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर की थी। 15 मई को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद यह अभियान शुरू हुआ। शुरुआत में यह सिर्फ एक ऑनलाइन मजाक और व्यंग्य के रूप में सामने आया, लेकिन कुछ ही समय में बड़ी संख्या में युवा इससे जुड़ गए। बाद में अभिजीत दीपके भारत लौटे और युवाओं के साथ प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
युवाओं के बीच बढ़ती नाराजगी को देखते हुए BJP ने भी सोशल मीडिया पर अपना अंदाज बदला है। पार्टी की ओर से जारी किए जा रहे वीडियो में युवाओं वाली भाषा और उनके पसंदीदा कंटेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है।
एक वीडियो में फेमस टीवी शो ‘F.R.I.E.N.D.S.’ जैसी शुरुआत दिखाई गई, जिसमें छात्रों को संदेश दिया गया कि सरकार युवाओं के सपनों और मेहनत को महत्व देती है। इसमें परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और गलतियों पर कार्रवाई की बात कही गई।
दूसरे वीडियो में जिम का माहौल दिखाया गया है। इसमें कुछ युवा और एक ट्रेनर आपस में बातचीत करते नजर आते हैं। बातचीत में ‘वाइब्स’, ‘ब्लू टिक, नो रिप्लाई’ जैसे सोशल मीडिया वाले शब्दों का इस्तेमाल किया गया। वीडियो में देश के विकास, मेट्रो, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, हाई स्पीड ट्रेन और शिक्षा संस्थानों का जिक्र करते हुए युवाओं को भविष्य पर ध्यान देने का संदेश दिया गया।
जब एक युवा परीक्षा विवादों को लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर सवाल करता है तो वीडियो में इसे लोकतंत्र की ताकत बताया जाता है। संदेश दिया जाता है कि सरकार ने समस्या को गंभीरता से लिया है ताकि युवा अपने कॅरियर और भविष्य पर ध्यान दे सकें।
BJP ने सांसद अनुराग ठाकुर के पुराने भाषण को भी नए अंदाज में पेश किया है। इसमें पेपर लीक के पुराने मामलों का जिक्र करते हुए विपक्ष पर सवाल उठाए गए हैं और इसे युवाओं तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया वाली भाषा अपनाई गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी युवाओं से सोशल मीडिया के जरिए ज्यादा जुड़ने पर जोर दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने मंत्रियों से कहा है कि वे Instagram Reels और ऑनलाइन बातचीत के माध्यम से युवाओं तक पहुंचें।
कुल मिलाकर परीक्षा विवाद और CJP आंदोलन के बाद युवाओं का मुद्दा राजनीति के केंद्र में आ गया है। अब राजनीतिक दल समझ रहे हैं कि नई पीढ़ी तक पहुंचने के लिए केवल भाषण काफी नहीं हैं, बल्कि उनकी भाषा और उनके पसंदीदा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जाकर संवाद करना भी जरूरी है।
Updated on:
29 Jul 2026 12:55 pm
Published on:
29 Jul 2026 12:55 pm
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