
Mumbai CJP Protest: चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 2 अक्टूबर को मुंबई में जेल भरो आंदोलन का ऐलान किया है। दीपके के आंदोलन को अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और ठाकरे भाइयों का समर्थन मिलने से इस मुद्दे को लेकर हलचल बढ़ गई है। हालांकि, मुंबई पुलिस ने 2 अक्टूबर को दादर के शिवाजी पार्क में प्रस्तावित इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े कारणों का हवाला दिया है। इसके बावजूद दीपके ने जेल भरो आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है।
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की वरिष्ठ नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "कल (2 अक्टूबर) अभिजीत दीपके के नेतृत्व में मुंबई में होने वाले जेल भरो आंदोलन को हमारा पूरा समर्थन है। इसके अलावा 4 अक्टूबर को होने वाले ठाकरे भाइयों के मोर्चे का भी हम समर्थन करते हैं।" हालांकि, शरद पवार या पार्टी के अन्य बड़े नेता इस विरोध प्रदर्शन में खुद व्यक्तिगत रूप से जमीन पर उतरेंगे या नहीं, इस पर सस्पेंस बना हुआ है।
यह पहली बार नहीं है जब शरद पवार गुट दीपके के साथ खड़ा हो रहा है। इससे पहले जुलाई में शरद पवार ने दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर दीपके से मुलाकात की थी और आंदोलनकारी छात्रों की मांगों पर चर्चा की थी।
सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके के 2 अक्टूबर के आंदोलन को शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई व मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे का भी समर्थन मिला है। दोनों नेताओं ने 29 सितंबर को संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान दीपके के आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया था। दीपके ने भी सोशल मीडिया के जरिए दोनों नेताओं का आभार जताया।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि दीपके ने इससे पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन किया था और उस समय भी उन्होंने समर्थन किया था। वहीं राज ठाकरे ने कहा था कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर नागरिक और दल को आगे आना चाहिए। जो भी लोकतंत्र बचाने के लिए सड़क पर उतरेगा, उसे हम पूरा समर्थन करेंगे।
कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को रोकने और पुरानी मतदाता सूची बहाल करने समेत कई मांगें रखी हैं। दीपके ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं।
अभिजीत दीपके ने 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में जेल भरो आंदोलन की घोषणा की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दोपहर 4 बजे आंदोलन शुरू करने की बात कही थी। हालांकि, मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके बाद दीपके ने वैकल्पिक कानूनी रास्ते पर जाने की बात कही है।
आंदोलन में बड़ी संख्या में युवाओं के शामिल होने का दावा किया गया है। पुलिस की ओर से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आवश्यक बंदोबस्त किए जा रहे है।
इस बीच उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने 4 अक्टूबर को मुंबई में चुनाव आयोग के खिलाफ संयुक्त विरोध मार्च का ऐलान किया है। यह मार्च भायखला से बीएमसी मुख्यालय तक निकाले जाने की घोषणा की गई है। दोनों नेताओं ने अन्य विपक्षी दलों को भी इसमें शामिल होने का न्योता दिया है।