मुंबई

‘Gen-Z’ को नजरअंदाज करना अब मुश्किल, मोहन भागवत को लेकर बोले अभिजीत दीपके

Abhijeet Dipke Latest News: RSS प्रमुख मोहन भागवत के Gen-Z और Gen-Alpha से संवाद को लेकर CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, लेकिन उन्हें सिर्फ बातचीत नहीं बल्कि नेतृत्व में भी जगह मिलनी चाहिए।
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Aug 04, 2026
Mohan Bhagwat Youth Dialogue
मोहन भागवत के Gen-Z से संवाद पर अभिजीत दीपके ने कहा- 'देर आए, दुरुस्त आए'। (फोटो सोर्स- ANI)

Mohan Bhagwat Youth Dialogue: जिस Gen-Z को कुछ समय पहले तक सिर्फ सोशल मीडिया और रील वाली पीढ़ी समझकर छोड़ देना आसान था, अब उसी युवा पीढ़ी से संवाद की जरूरत महसूस होने लगी है। RSS प्रमुख मोहन भागवत के Gen-Z और Gen-Alpha से बातचीत के कार्यक्रम पर CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने इसी अंदाज में अपनी बात रखी है। दीपके ने मंगलवार को महाराष्ट्र में अपने बयान में कहा कि देर से ही सही, अब यह समझ आ रहा है कि देश के युवाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

अब भागवत भी Gen-Z से संवाद करेंगे

दीपके ने कहा कि 'देर आए, दुरुस्त आए'। उनके मुताबिक देश के युवाओं ने अपनी ताकत और अपनी बात रखने का तरीका दोनों दिखा दिया है। अब बड़े नेताओं और संगठनों के लिए इस पीढ़ी से सीधे बात करना जरूरी हो गया है।

दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि युवाओं से जुड़ने के लिए प्रधानमंत्री भी सोशल मीडिया पर रील शेयर कर रहे हैं और अब मोहन भागवत भी Gen-Z और Gen-Alpha से संवाद करने जा रहे हैं। दीपके के मुताबिक, यह बदलाव इस बात का संकेत है कि युवा पीढ़ी को अब नजरअंदाज करके आगे बढ़ना आसान नहीं है।

युवाओं की भागीदारी का मुद्दा उठाया

हालांकि, दीपके ने सिर्फ संवाद की बात पर ही रुकने के बजाय युवाओं की भागीदारी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि युवाओं से बातचीत करना अच्छी बात है, लेकिन उन्हें नेतृत्व में जगह देना उससे भी ज्यादा जरूरी है।

उन्होंने कहा कि अगर 70-80 साल की उम्र के नेता आज की युवा पीढ़ी से बात करना चाहते हैं तो यह सकारात्मक कदम है। लेकिन Gen-Z को ऐसे युवा चेहरे भी चाहिए जो उनकी उम्र, सोच और रोजमर्रा की परेशानियों को बेहतर तरीके से समझ सकें।

आज का युवा सवाल पूछता है

दीपके के मुताबिक, आज का युवा केवल भाषण सुनने वाला नहीं है। वह सवाल पूछता है, अपनी राय खुलकर रखता है और सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात बड़ी तेजी से लोगों तक पहुंचाता है। इसलिए युवाओं को सिर्फ कार्यक्रमों में बुलाने के बजाय उन्हें फैसले लेने वाली जगहों पर भी मौका मिलना चाहिए।

दरअसल, मोहन भागवत 6 अगस्त को मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में IIMUN के कार्यक्रम में Gen-Z और Gen-Alpha के छात्रों से बातचीत करेंगे। इस दौरान लोकतंत्र और देश निर्माण जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। यह कार्यक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब युवाओं की राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों को लेकर चर्चा तेज है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP की अगुवाई में हुए प्रदर्शन में Gen-Z की भागीदारी भी चर्चा में रही थी।

इसी पृष्ठभूमि में दीपके का कहना है कि युवाओं ने अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। अब उनसे बात करने की शुरुआत हो रही है तो यह अच्छी बात है, लेकिन अगला सवाल यह है कि क्या युवाओं को सिर्फ सुना जाएगा या उन्हें आगे बढ़कर जिम्मेदारी भी दी जाएगी?

Updated on:
04 Aug 2026 03:53 pm
Published on:
04 Aug 2026 03:53 pm