
Abhijeet Dipke: मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन को लेकर मामला दर्ज होने के बाद सीजेपी (CJP) के सह-संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि केस दर्ज होने के बावजूद उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
अभिजीत दीपके ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा, 'और केस दर्ज करो, लेकिन हम फिर भी अपने लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ते रहेंगे।' उनका यह बयान शिवाजी पार्क में प्रदर्शन को लेकर उनके और CJP के अन्य नेताओं के खिलाफ शिकायत और केस दर्ज होने की जानकारी सामने आने के बाद आया।
शुक्रवार को CJP ने मुंबई के शिवाजी पार्क में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। अभिनेत्री शबाना आजमी, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, फिल्मकार विशाल भारद्वाज और संगीतकार विशाल ददलानी समेत कुछ चर्चित हस्तियों के भी प्रदर्शन में शामिल होने की बात सामने आई। मुंबई पुलिस ने प्रदर्शन से पहले शिवाजी पार्क में सभा की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। पुलिस की ओर से शोर-प्रदूषण, ट्रैफिक जाम और वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने जैसी वजहों का हवाला दिया गया था। इसके बाद अभिजीत दीपके ने 'जेल भरो आंदोलन' का ऐलान किया था।
शिवाजी पार्क की निवासी और वकील सिद्धि देओलकर ने शुक्रवार को दावा किया कि उन्होंने शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में CJP के अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका, सौरव दास और पार्टी की लीगल अफेयर्स प्रमुख रत्ना सिंह समेत अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। देओलकर के मुताबिक, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शन किया गया और बड़ी संख्या में लोगों को जुटाया गया। इस मामले में पुलिस ने CJP के प्रदर्शन आयोजकों और अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है।
CJP ने यह प्रदर्शन चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में किया था। संगठन की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक शिवाजी पार्क पहुंचे थे।
शिवाजी पार्क में प्रदर्शन के बाद अभिजीत दिपके ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी आंदोलन का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो देशभर से CJP समर्थक 10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। दीपके ने इसे शांतिपूर्ण आंदोलन बताते हुए कहा कि जो भी नागरिक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की मांग करता है, उसे इस प्रदर्शन में शामिल होना चाहिए।