महाराष्ट्र के कद्दावर नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। अजित दादा के जाने के बाद अब सबकी निगाहें उनके परिवार, खासकर उनके दो बेटों पार्थ पवार और जय पवार पर टिकी हैं।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पार्थिव को आज बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान के मैदान में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। बुधवार को बारामती में हुए विमान हादसे में उनके निधन के बाद आज अंतिम संस्कार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों लोगों ने नम आंखों से अपने लाडले नेता को अंतिम प्रणाम किया। अजित पवार के दोनों बेटों पार्थ पवार और जय पवार ने मिलकर अपने पिता की चिता को मुखाग्नी दी।
अंतिम संस्कार के दौरान पार्थ और जय ही सभी वीआईपी मेहमानों और आगंतुकों से मिल रहे थे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य पीछे बैठे थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम ने स्पष्ट कर दिया है कि अजित दादा की विरासत अब इन्हीं दोनों भाइयों के कंधों पर होगी। जहां अजित पवार राजनीति के शिखर पर रहे, वहीं उनके दोनों बेटों ने जीवन के अलग-अलग रास्तों को चुना है।
अजित पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार राजनीति में किस्मत आजमा चुके है। पार्थ ने साल 2019 के लोकसभा चुनाव में मावल (Maval) सीट से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। हालांकि, इस चुनाव में उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद से पार्थ ने सक्रिय चुनावी राजनीति से थोड़ी दूरी बना ली थी। वे किसी भी निर्वाचित पद या पार्टी के बड़े ओहदे पर नहीं हैं। पिछले कुछ समय में उनका नाम पुणे के विवादित जमीन सौदे के कारण चर्चा में आया था, लेकिन वे सार्वजनिक जीवन में कम ही दिखाई देते हैं।
प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से होने के बावजूद अजित पवार के छोटे बेटे जय पवार ने खुद को राजनीति की चकाचौंध से दूर रखा है। वे मुख्य रूप से अपने पारिवारिक व्यवसाय और निजी निवेश को संभालते हैं। जय पवार हाल ही में अपनी भव्य शादी को लेकर सुर्खियों में रहे थे। उन्होंने पिछले साल दिंसबर में बहरीन के एक लग्जरी रिसॉर्ट में ऋतुजा पाटिल के साथ सात फेरे लिए। ऋतुजा पाटिल एलिवेटएज कंसल्टिंग ग्रुप के संस्थापक प्रवीण पाटिल की बेटी हैं।
लेकिन जय को अक्सर परिवार के सदस्यों के चुनाव प्रचार या सामाजिक कार्यक्रमों में साथ देखा जाता है, लेकिन उन्होंने कभी चुनाव लड़ने या राजनीतिक पद लेने की इच्छा जाहिर नहीं की है।
अजित पवार बारामती से कई बार विधायक रहे और महाराष्ट्र की सत्ता के केंद्र में रहे। वह राज्य की राजनीति में सरकार बनाने से लेकर प्रशासन तक में निर्णायक भूमिका निभाते रहे। उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार भी राज्यसभा सांसद हैं और सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। अब जबकि 'दादा' का साया परिवार से उठ गया है, महाराष्ट्र की राजनीति में यह बड़ा सवाल है कि क्या पार्थ दोबारा राजनीति में वापसी करेंगे या फिर जय पवार को किसी बड़ी जिम्मेदारी के लिए आगे लाया जाएगा।