
Maharashtra Politics: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के महाराष्ट्र चुनावों में 'वोट चोरी' को लेकर लगाए गए आरोपों पर उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने पलटवार किया। उन्होंने अपने गढ़ बरामती का उदाहरण देते हुए कहा, "लोकसभा चुनाव में बरामती में हमारे उम्मीदवार को 48 हजार वोट कम मिले थे। मैं बरामती का प्रतिनिधित्व करता हूं। पांच महीने बाद, उन्हीं मतदाताओं ने मुझे एक लाख से ज्यादा वोटों से जीत दिलाई। मैं मानता हूं कि हमारे उम्मीदवार को कम वोट मिले और जनता ने उस समय वैसा मतदान किया। लेकिन बाद में मैंने बड़ी जीत दर्ज की। तो क्या मैंने वहां कुछ गड़बड़ी की? क्या मेरी कोई गलती थी? ऐसा बिल्कुल नहीं है।"
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने आगे कहा कि कुछ लोग सफलता नहीं पा रहे हैं, इसलिए इस तरह की बातें कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान और कानून के तहत हर व्यक्ति को सवाल उठाने का अधिकार है। चुनाव आयोग को भी यह अधिकार है कि वह जांच करे और यदि कुछ गलत है तो उस पर कार्रवाई करे, और अगर सब सही है तो यह भी स्पष्ट करे।
बता दें कि पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में प्रतिष्ठा की लड़ाई माने जाने वाले बारामती निर्वाचन क्षेत्र से अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार अपनी भाभी सुप्रिया सुले से हार गईं थी। शरद पवार के बेटी सुले डेढ़ लाख से अधिक मतों से जीती थीं। यही नहीं बारामती विधानसभा क्षेत्र जहां से अजित दादा विधायक है, वहां सुले को करीब 48,000 मतों की बढ़त मिली।
इससे पहले शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए थे। मुंबई में सोमवार को मीडिया से बात करते हुए ठाकरे ने कहा कि जब विपक्ष ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए तो बीजेपी ने बीच में आकर जवाब क्यों दिया। महाराष्ट्र के पूर्व सीएम ठाकरे ने एक सनसनीखेज दावा भी किया। उन्होंने कहा, जब वह एनडीए का हिस्सा थे और बीजेपी के साथ महाराष्ट्र में गठबंधन में थे तो एक बीजेपी नेता ने उन्हें ईवीएम हैकिंग का डेमो दिखाया था। लेकिन पत्रकारों के पूछने पर भी उन्होंने उस नेता का नाम नहीं बताया।
गौरतलब हो कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 132 सीट जीतीं, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना और एनसीपी ने क्रमशः 57 और 41 सीट जीतीं। विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले महाराष्ट्र में 48 लोकसभा सीट में से 30 पर जीत हासिल करने वाली महाविकास आघाडी (MVA) ने अपनी हार के लिए ईवीएम में हेराफेरी को जिम्मेदार ठहराया था।